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Middle East Crisis: शेयर बाजार बेरहम, इनवेस्टर्स लाचार, आखिर इस दर्द की दवा क्या है?

अभी हर एसेट क्लास में कमजोरी है। 28 फरवरी के बाद से सोने और चांदी में कमजोरी आई है। डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ है। 13 मार्च को यह 92.43 के सबसे निचले स्तर पर आ गया। मार्च में डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 1.5 फीसदी कमजोर हो चुका है

Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 14, 2026 पर 11:57 AM
Middle East Crisis: शेयर बाजार बेरहम, इनवेस्टर्स लाचार, आखिर इस दर्द की दवा क्या है?
मार्केट पर सबसे ज्यादा असर क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का पड़ा है।

शेयर बाजार में जारी गिरावट से इनवेस्टर्स हैरान हैं। इस हफ्ते सेंसेक्स करीब 4000 प्वाइंट्स गिर चुका है, जबकि निफ्टी 5 फीसदी फिसला है। कई सालों बाद किसी एक हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार इतना गिरा है। इससे पहले 2020 में कोविड की शुरुआत में मार्केट में बहुत तेज गिरावट आई थी। खास बात यह है कि छोटे-बड़े सभी शेयरों में गिरावट है। इनवेस्टर्स इस गिरावट से काफी निराश हैं।

इस बार हर एसेट क्लास में गिरावट

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी हर एसेट क्लास में कमजोरी है। 28 फरवरी के बाद से सोने और चांदी में कमजोरी आई है। डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ है। 13 मार्च को यह 92.43 के सबसे निचले स्तर पर आ गया। मार्च में डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 1.5 फीसदी कमजोर हो चुका है। ऐसा कम होता है, जब सभी एसेट क्लास में एक साथ गिरावट आती है। आम तौर पर जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने पर शेयरों में गिरावट आती है, लेकिन सोना चढ़ता है।

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