शेयर बाजार में आएगी तूफानी तेजी! Morgan Stanley ने दिया सेंसेक्स के लिए 95,000 का टारगेट, इन सेक्टर्स में बनेगा पैसा

Sensex Target: रिपोर्ट के मुताबिक, अगर युद्ध रुक जाता है और कच्चे तेल की कीमत $70 प्रति बैरल से नीचे गिर जाती है और वैश्विक विकास दर बेहतर रहती है। इस स्थिति में सेंसेक्स 1,07,000 के स्तर को छू सकता है

अपडेटेड Apr 09, 2026 पर 3:27 PM
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मार्च में युद्ध के कारण आई मामूली सुस्ती के बाद अब कंपनियों की कमाई का चक्र फिर से रफ्तार पकड़ रहा है

Morgan Stanley Report: दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बेहद उत्साहजनक रिपोर्ट जारी की है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अब एक बड़े बुल रन के लिए पूरी तरह तैयार है। रिपोर्ट में सेंसेक्स के लिए दिसंबर 2026 तक 95,000 का टारगेट रखा गया है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 22% की बढ़त दर्शाता है।

तेजी के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?

Morgan Stanley ने अपनी रिपोर्ट में कई ऐसे फैक्टर्स गिनाए हैं जो बाजार को ऊपर ले जाने में मदद करेंगे:


सस्ता वैल्युएशन: ऐतिहासिक रूप से देखें तो भारतीय बाजार इस समय अपने पिछले निचले स्तरों के करीब है। सोने की तुलना में भी सेंसेक्स अपने सबसे सस्ते स्तरों पर ट्रेड कर रहा है।

कमाई में सुधार: मार्च में युद्ध के कारण आई मामूली सुस्ती के बाद अब कंपनियों की कमाई का चक्र फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2028 तक सेंसेक्स की कमाई 17% की सालाना दर से बढ़ेगी।

मजबूत डोमेस्टिक फ्लो: विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों (DII) का भरोसा बरकरार है, जिससे बाजार को मजबूती मिल रही है।

कहां तक जा सकता है बाजार?

ब्रोकरेज ने शेयर बाजार के भविष्य के लिए तीन परिदृश्य तैयार किए हैं:

बेस केस: अगर वैश्विक हालात सामान्य रहते हैं और तेल की कीमतें काबू में रहती हैं, तो सेंसेक्स 95,000 तक पहुंचेगा।

बुल केस: अगर कच्चे तेल की कीमत $70 प्रति बैरल से नीचे गिर जाती है और वैश्विक विकास दर बेहतर रहती है, तो सेंसेक्स 1,07,000 का स्तर छू सकता है।

बेयर केस: अगर कच्चे तेल की कीमत $100 के पार रहती है और अमेरिका में मंदी आती है, तो सेंसेक्स गिरकर 76,000 तक भी आ सकता है।

मिडिल ईस्ट संकट और AI की चुनौती

रिपोर्ट में कुछ जोखिमों का भी जिक्र किया गया है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सप्लाई चेन की समस्या को बड़ी बाधा माना गया है। ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण मध्य पूर्व से गैस और खाद की आपूर्ति में चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे ही भारत का AI क्षेत्र में सीधा एक्सपोजर कम होने के कारण सर्विसेज एक्सपोर्ट पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई है।

कहां लगाएं पैसा और कहां से बचें?

किसे चुनें: ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल, कंज्यूमर वस्तुएं और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स पर दांव लगाने की सलाह दी है। ये डोमेस्टिक साइक्लिकल सेक्टर्स हैं जो घरेलू विकास से लाभान्वित होंगे।

किससे बचें: एनर्जी, मैटेरियल्स, यूटिलिटीज और हेल्थकेयर जैसे एक्सटर्नल सेक्टर्स से फिलहाल दूर रहने या कम निवेश करने की सलाह दी गई है।

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

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