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Motilal Oswal Private Wealth भारतीय शेयरों पर बुलिश, हाइब्रिड और लार्ज कैप फंड्स में एकमुश्त निवेश का सुझाव

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अपने रिस्क प्रोफाइल के आधार पर, उचित स्तर के इक्विटी एलोकेशन वाले निवेशक इनवेस्टेड रह सकते हैं। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, खपत बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए सरकारी उपायों से भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 23, 2025 पर 1:05 PM
Motilal Oswal Private Wealth भारतीय शेयरों पर बुलिश, हाइब्रिड और लार्ज कैप फंड्स में एकमुश्त निवेश का सुझाव
सोने के लिए फंड हाउस शॉर्ट टर्म में न्यूट्रल और लॉन्ग टर्म में पॉजिटिव बना हुआ है।

अस्थिर इक्विटी बाजार के बीच फंड हाउस मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ (MOPW) शॉर्ट और लॉन्ग टर्म दोनों में इक्विटी पर पॉजिटिव बना हुआ है। इसकी नई स्ट्रैटेजी रिपोर्ट में हाइब्रिड और लार्ज-कैप फंड्स में एकमुश्त निवेश का सुझाव दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिकी टैरिफ, चीन के आर्थिक उपायों और मजबूत डॉलर जैसे विभिन्न फैक्टर्स के चलते फरवरी में भारतीय इक्विटी बाजार दबाव में रहे। लेकिन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, खपत बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए सरकारी उपायों से भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशक को सतर्क और बैलेंस्ड अप्रोच अपनानी चाहिए। एक नोट में मोतीलाल ओसवाल वेल्थ लिमिटेड के एमडी और सीईओ आशीष शंकर ने कहा कि चल रहे करेक्शंस के चलते लार्ज-कैप की वैल्यूएशंस 1-ईयर फॉरवर्ड बेसिस पर 10-वर्ष के एवरेज से नीचे आ गई हैं। वहीं मिड और स्मॉल-कैप इंडेक्स अभी भी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। कुछ अवसर भी उभर रहे हैं। उन्होंने कहा, "वर्तमान सिनेरियो के मूल्यांकन से पता चलता है कि जिन फैक्टर्स के चलते भारतीय इक्विटी में यह करेक्शन आया, वे या तो कम हो गए हैं या काफी हद तक खप चुके हैं।"

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अपने रिस्क प्रोफाइल के आधार पर, उचित स्तर के इक्विटी एलोकेशन वाले निवेशक इनवेस्टेड रह सकते हैं। कहा गया है, "हाल के करेक्शंस को ध्यान में रखते हुए, यदि इक्विटी एलोकेशन वांछित स्तरों से कम है, तो निवेशक हाइब्रिड और लार्ज कैप फंड्स के लिए एकमुश्त इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजी लागू करके और फ्लेक्सी, मिड और स्मॉल कैप स्ट्रैटेजीज के लिए अगले 6 महीनों में एक चरणबद्ध अप्रोच के साथ एलोकेशन बढ़ा सकते हैं। मीनिंगफुल करेक्शन की स्थिति में निवेश बढ़ाया जा सकता है।"

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