MSCI Rejig: वैश्विक इंडेक्स सर्विसेज प्रोवाइडर MSCI के ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में बदलाव हुआ है। इसके तहत जिन शेयरों को इंडेक्स में शामिल किया गया है, उनमें 150 करोड़ डॉलर का निवेश आ सकता है। इस इंडेक्स में जो नौ शेयर शामिल हुए हैं, उनमें से दो तो टाटा ग्रुप के भी हैं। ये बदलाव 30 नवंबर 2023 से प्रभावी हो जाएंगे। इंडेक्स में जिन शेयरों को शामिल किया गया है, वे हैं- इंडसडइंड बैंक (IndusInd Bank), सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy), पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems), एपीएल अपोलो ट्यूब्स (APL Apollo Tubes), पेटीएम (Paytm), पॉलीकैब इंडिया (Polycab India) और टाटा कम्यूनिकेशंस (Tata Communications), मैक्रोटेक डेवलपर्स (Macrotech Developers) और टाटा मोटर्स डीवीआर (Tata Motors DVR)। वहीं स्टैंडर्ड इंडेक्स से किसी शेयर को बाहर निकाला नहीं गया है।
हर एक शेयर में कितना आ सकता है निवेश
नुवामा अल्टरनेटिव के कैलकुलेशन के मुताबिक MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल होने के बाद इंडसइंड बैंक में 33.5 करोड़ डॉलर का निवेश आ सकता है। सुजलॉन एनर्जी में 28.9 करोड़ डॉलर का निवेश आ सकता है। इसके अलावा इंडेक्स में शामिल होने के बाद पर्सिस्टेंट सिस्टम्स में 25.5 करोड़ डॉलर, एपीएल अपोलो ट्यूब्स में 22.8 करोड़ डॉलर, पॉलीकैब में 18.9 करोड़ डॉलर, टाटा मोटर्स डीवीआर में 18.4 करोड़ डॉलर, मैक्रोटेक में 16.7 करोड़ डॉलर, पेटीएम में 16.2 करोड़ डॉलर और टाटा कम्यूनिकेशंस में 15.9 करोड़ डॉलर का निवेश आ सकता है।
पहले से शामिल कुछ शेयरों के वेटेज में उतार-चढ़ाव
MSCI के ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में कुछ शेयर शामिल हुए हैं तो कुछ शेयरों के वेटेज में बदलाव हुआ है। इंडेक्स में पहले से शामिल जोमैटो, HAL, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, वेदांता, PFC, REC और कोलगेट पॉमोलिव का वेटेज बढ़ा है। इसके चलते जोमैटो में 7.2 करोड़ डॉलर, HAL में 4.7 करोड़ डॉलर, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज में 4.1 करोड़ डॉलर, वेदांता में 3.2 करोड़ डॉलर, PFC में 3 करोड़ डॉलर, REC में 2.5 करोड़ डॉलर और कोलगेट पॉमोलिव में 1.7 करोड़ डॉलर का निवेश आ सकता है।
वहीं दूसरी तरफ इंडेक्स में पहले से शामिल रिलायंस, ICICI बैंक, इंफोसिस, HDFC Bank, TCS और एक्सिस बैंक का वेटेज हल्का किया गया है। इसके चलते रिलायंस से 19.2 करोड़ डॉलर, ICICI बैंक से 13.2 करोड़ डॉलर, इंफोसिस से 12.4 करोड़ डॉलर, HDFC बैंक से 11.4 करोड़ डॉलर, TCS से 8.3 करोड़ डॉलर और एक्सिस बैंक से 6.4 करोड़ डॉलर की निकासी हो सकती है।