Multi loser Stocks: स्टॉक मार्केट में निवेश से तगड़ा रिटर्न हासिल किया जा सकता है। हालांकि इसमें रिस्क बहुत अधिक होता है और लगभग पूरी पूंजी गंवाने का खतरा रहता है। यहां सात ऐसे शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है जो एक समय निवेश के लिए आकर्षक दिख रहे थे लेकिन इन्होंने निवेशकों के पोर्टफोलियो तो तगड़ा झटका जिया। इन सात शेयरों- यस बैंक, सुजलॉन, फ्यूचर रिटेल, फ्यूचर कंज्यूमर, वोडा-आडिया, यूनिटेक और जेपी एसोसिएट्स ने 99 फीसदी से अधिक निवेश डुबो दिया यानी कि एक लाख रुपये का निवेश 1 हजार रुपये से भी नीचे आ गया। ये अपने-अपने सेक्टर की दिग्गज कंपनियां हैं।
निजी सेक्टर के दिग्गज बैंक Yes Bank के शेयर 20 अगस्त 2018 को इंट्रा-डे में 404 रुपये पर पहुंच गया था और दिन के आखिरी में 394 रुपये पर बंद हुआ है। हालांकि इस शुक्रवार 9 जून 2023 को यह 16.59 रुपये पर बंद हुआ यानी क्लोजिंग प्राइस के हिसाब से इसने 95.79 फीसदी पूंजी डुबोई है। इस साल यह 23 फीसदी से अधिक कमजोर हुआ है।
विंड एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी के शेयर एक समय शानदार ऊंचाई पर थे और यह जिस सेगमेंट में था, वह प्रॉमिसिंग भी था लेकिन निवेशकों के लिए यह बुरा विकल्प साबित हुआ। इसके शेयर 9 जून 2008 को इंट्रा-डे में 460 रुपये तक पहुंच गए थे। हालांकि क्लोजिंग प्राइस के हिसाब से देखें तो 8 जनवरी 2008 को यह 454.71 रुपये से अब 9 जून 2023 को 14.01 रुपये पर आ गया यानी कि इसने निवेशकों की पूंजी 96.92 फीसदी डुबोई है। इस साल इसके शेयरों की चाल बेहतर दिख रही है और करीब 31 फीसदी मजबूत हुआ है।
इस साल रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट कंपनी यूनिटेक के शेयर करीब 13 फीसदी टूटे हैं लेकिन लॉन्ग टर्म में क्लोजिंग प्राइस के हिसाब से इसने निवेशकों की 99.71 फीसदी पूंजी डुबो दी है। इसके शेयर 2 जनवरी 2008 को इंट्रा-डे में 546.80 रुपये पर पहुंच गए थे लेकिन दिन के आखिरी में 538.20 रुपये पर बंद हुआ था। अब यह 9 जून 2023 को बीएसई पर महज 1.57 रुपये पर बंद हुआ।
वोडाफोन आइडिया के शेयर पहले आइडिया के नाम से ही ट्रेड होते थे। इसने भी निवेशकों की पूंजी बेतहाशा डुबोई है। 18 अक्टूबर 2007 को इंट्रा-डे में यह 161 रुपये पर पहुंच गए थे। हालांकि क्लोजिंग आधार पर बांत करें तो 17 अक्टूबर 2007 को यह बीएसई पर 154.70 रुपये पर बंद हुआ था और अब यह महज 7.31 रुपये पर है यानी कि वोडा-आइडिया के शेयरों में निवेशकों की पूंजी 95.71 फीसदी घटी है। इस साल यह 8 फीसदी कमजोर हुआ है।
फ्यूचर कंज्यूमर के शेयर करीब छह साल पहले 26 दिसंबर 2017 को 78.05 रुपये पर बंद हुए थे और अगले दिन इंट्रा-डे में 79.45 रुपये पर पहुंच गए थे। हालांकि अब यह बीएसई पर महज 98 पैसे में है यानी क्लोजिंग प्राइस के हिसाब से इसने निवेशकों की 98.74 फीसदी डुबो दी है। इस साल यह 35 फीसदी से अधिक कमजोर हुआ है।
बिग बाजार की पैरेंट कंपनी फ्यूचर रिटेल ने तो निवेशकों की लगभग पूरी पूंजी डुबो दी है। क्लोजिंग प्राइस के हिबास से इसके शेयर 24 नवंबर 2017 को 640.42 रुपये से अब तक 99.61 फीसदी टूटकर 9 जून 2023 को 2.48 रुपये पर आ गए। 27 नवंबर 2017 को यह 657.09 रुपये की ऊंचाई तक पहुंचा था। इस साल यह 22 फीसदी कमजोर हुआ है।
जयप्रकाश एसोसिएट्स (जयपी ग्रुप) सीमेंट, होटल, गोल्फकोर्स, रिजॉर्ट्स और स्पा कंपनी के शेयर एक समय 340 रुपये तक पहुंच गए थे लेकिन अब यह 8 रुपये पर है। इसके शेयर 4 जनवरी 2008 को 323.23 रुपये पर बंद हुए थे और उस दिन यह इंट्रा-डे में 340 रुपये पर पहुंच गया था। हालांकि अब यह 9 जून 2023 को बीएसई पर 8.04 रुपये पर बंद हुआ यानी क्लोजिंग प्राइस के हिसाब से इसने निवेशकों की 97.51 फीसदी पूंजी डुबोई है। इस साल यह 27 फीसदी से अधिक कमजोर हुआ है।