मुफिन ग्रीन फाइनेंस (Mufin Green Finance) ने अपने शेयरों को 1:2 के अनुपात में बांटने, यानी स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) करने का ऐलान किया है। कंपनी ने बताया कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शुक्रवार 17 फरवरी को एक बैठक में हुई थी। इस बैठक में शेयरों के विभाजन को दी मंजूरी दी गई। 1:2 के अनुपात में शेयरों को बांटने का मतलब है, कंपनी अपने प्रत्येक एक शेयर को दो छोटे-छोटे भागो में बांटेगी। मुफिन ग्रीन फाइनेंस (Mufin Green Finance) ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बताया, "बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने मौजूदा 2 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक एक शेयर को, 1 रुपये के फेस वैल्यू वाले दो शेयरों में बांटने के फैसले को मंजूरी दी ही है।"
इस बीच मुफिन ग्रीन फाइनेंस के शेयर शुक्रवार 17 फरवरी को बीएसई पर 1.35% गिरकर 259.00 रुपये के भाव पर बंद हुए। इस स्टॉक की गिनती मल्टीबैगर शेयरों में होती है। पिछले एक साल में इस शेयर की कीमत करीब 348.87% फीसदी बढ़ी है।
मुफिन ग्रीन फाइनेंस के शेयरों में बीएसई पर कारोबार 27 दिसंबर 2019 को शुरू हुआ था। उस वक्त इसके एक शेयर की कीमत 18.95 रुपये थी, जो अब बढ़कर 259 रुपये पर पहुंच गई है। इस तरह पिछले करीब साढ़े 3 सालों में इस शेयर ने अबतक अपने निवेशकों को करीब 1,266.75% फीसदी का रिटर्न दिया है।
मुफिन ग्रीन फाइनेंस लिमिटेड एक स्मॉल-कैप कंपनी है, जिसका मार्केट कैप ₹651.54 करोड़ है। यह एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लोन मुहैया करती है।
स्टॉक स्प्लिट क्या होता है?
स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) का मतलब होता है शेयरों का विभाजन। आमतौर पर जब शेयरों की कीमत अधिक हो जाती है, तो कंपनी छोटे निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अपने शेयरों को कई भाग में विभाजित कर देती है। इससे शेयरों की कीमत सस्ती हो जाती है और कंपनी के कुल शेयरों की संख्या बढ़ा दी जाती है।
उदाहरण के लिए अगर किसी शेयर का मूल्य 1000 रुपये है और कंपनी ने उस शेयर 1:1 के रेशियो में स्पिल्ट यानी विभाजित करने का फैसला किया है तो उस कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर को हर एक शेयर के बदले में एक अतिरिक्त शेयर जारी किए जाएंगे, लेकिन शेयरों की कीमत आधी यानी की 500 रुपये हो जाएगी। इस तरह प्रति शेयर की कीमत घट जाएगी, लेकिन शेयरहोल्डरों के शेयर की वैल्यू और कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन उतनी ही रहेगी।