Multibagger Stocks: स्टील प्रोडक्ट्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी सनफ्लैग आयरन एंड स्टील (Sunflag Iron & Steel) के शेयरों की तेजी ने निवेशकों को जमकर रिटर्न दिया है। आज इंट्रा-डे में यह 15 फीसदी से अधिक उछलकर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं लॉन्ग टर्म में तो इसने एक लाख रुपये के निवेश को एक करोड़ रुपये की पूंजी बना दिया। इसके शेयरों ने लॉन्ग टर्म में करोड़पति बनाया है तो एक साल में इसने ढाई गुना से अधिक पैसा बढ़ा दिया है। आज यह रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था लेकिन मुनाफावसूली के चलते यह थोड़ा नरम हुआ। हालांकि फिर भी यह बहुत मजबूत स्थिति में है और दिन के आखिरी में यह बीएसई पर 11.73 फीसदी की बढ़त के साथ 190.50 रुपये (Sunflag Iron Share Price) पर बंद हुआ।
Sunflag Iron ने 22 साल में बनाया करोड़पति
सनफ्लैग के शेयर 26 जुलाई 2001 को महज 1.90 रुपये में मिल रहे थे। अब यह आज 190.50 रुपये पर पहुंचकर बंद हुआ यानी कि 22 साल में निवेशकों की पूंजी 9926 फीसदी से अधिक बढ़ गई और उनके एक लाख रुपये एक करोड़ बन गए। ऐसा नहीं है कि इसने लॉन्ग टर्म में ही बंपर रिटर्न दिया है बल्कि कम टाइम फ्रेम में भी इसने अच्छा मुनाफा दिया है और एक साल में निवेशकों की पूंजी ढाई गुना से अधिक बढ़ गई।
पिछले साल 6 जुलाई 2022 को यह एक साल के निचले स्तर 77.70 रुपये पर था। इसके बाद खरीदारी बढ़ी और एक साल में यह 153 फीसदी उछलकर आज यानी 5 जुलाई 2023 को 196.90 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। हालांकि मुनाफावसूली के चलते भाव में थोड़ी नरमी आई थी और इस हाई से यह 3 फीसदी से अधिक टूटकर बंद हुआ।
कंपनी के बारे में डिटेल्स
सनफ्लैग आयरन एंड स्टील सनफ्लैग ग्रुप की कंपनी है। इस ग्रुप का स्टील, सिंथेटिक धागे और बिना बुने हुए कपड़े का कारोबार दुनिया भर में फैला हुआ है। अब सनफ्लैग आयरन एंड स्टील की बात करें तो यह सालाना 5 लाख टन की उत्पादन क्षमता वाले हाई क्वालिटी के स्टील प्रोडक्ट्स का प्लांट ऑपरेट करती है। कंपनी की साइट पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक जापान की डेडो स्टील से इसने क्लीन स्टील के लिए जो तकनीक हासिल की, उसके दम पर यह कम सामान में और कम गैस पर स्टील प्रोडक्ट्स तैयार करती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो मार्च 2023 तिमाही में इसका मुनाफा सालाना आधार पर 40.68 करोड़ रुपये से फिसलकर 39.95 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि इस दौरान रेवेन्यू 648.98 करोड़ रुपये से उछलकर 836.97 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।