Air India-Vistara Merger पर CCI की तलवार, कंपनी ने दी यह सफाई, ये है पूरा मामला

Air India-Vistara Merger: टाटा ग्रुप (Tata Group) की विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) और विस्तारा (Vistara) के विलय को लेकर अहम सवाल अब प्रतिस्पर्धा को लेकर खड़ा हो गया है। हालांकि दोनों विमान कंपनियों ने इस पर सफाई दी है। जानिए क्या है पूरा मामला और दोनों कंपनियों के विलय पर कॉम्पटीशन को लेकर क्या सवाल खड़े हुए हैं

अपडेटेड Jul 05, 2023 पर 1:21 PM
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विस्तारा (Vistara) के साथ डील के पूरा होने के बाद एयर इंडिया (Air India) देश की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय हवाई कंपनी और दूसरी सबसे बड़ी घरेलू विमान कंपनी हो जाएगी।

Air India-Vistara Merger: टाटा ग्रुप (Tata Group) की विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India) और विस्तारा (Vistara) के विलय को लेकर अहम सवाल अब प्रतिस्पर्धा को लेकर खड़ा हो गया है। हालांकि दोनों विमान कंपनियों ने सफाई दी है कि इस विलय से कॉम्पटीशन पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा क्योंकि विलय के बाद जिन रास्तों पर इनकी फ्लाइट्स होंगी, उनमें अधिकतर पर कॉम्पटीशन मौजूद है। टाटा सन्स (Tata Sons) की एयर इंडिया और विस्तारा ने कॉम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) से ये बातें कही हैं। इसका खुलासा एक मीडिया रिपोर्ट से हुआ है और मनीकंट्रोल इसके सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

क्यों देनी पड़ी Air India और Vistara को सफाई

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी सीसीआई ने कुछ समय पहले दोनों विमानन कंपनियों को विलय को लेकर नोटिस भेजा था। इसमें पूछा गया था कि विलय का क्या असर होगा, इसे लेकर जांच क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए? प्रतिस्पर्धी काननू के मुताबिक सीसीआई के पास ये अधिकार है कि वह ऐसे किसी भी विलय प्रस्ताव को हरी झंडी देने से पहले जांच कर सकती है जिससे कॉम्पटीशन पर निगेटिव इफेक्ट पड़ने की आशंका हो। एयर इंडिया और विस्तारा के विलय की प्रक्रिया दूसरे चरण में है और इसमें दोनों विमान कंपनियों और सीसीई के बीच चर्चाएं होंगी।


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डील होने के बाद Air India Group का कितना होगा दबदबा

इस डील के पूरा होने के बाद एयर इंडिया देश की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय हवाई कंपनी और दूसरी सबसे बड़ी घरेलू विमान कंपनी हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक दुनिया भर के प्रतिस्पर्धी नियामक ओरिजिन एंड डेस्टिनेशन (O&D) अप्रोच के जरिए सौदे का प्रतिस्पर्धा पर क्या असर पड़ेगा, इसकी जांच करती है। अब अगर सबसे व्यस्त हवाई मार्गों की बात करें तो रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से दावा किया गया है कि एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और विस्तारा के पास बाजार को कंट्रोल करने की पर्याप्त ताकत होगी।

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देश में सबसे व्यस्त हवाई रास्ता दिल्ली-मुंबई का है और एयर इंडिया ग्रुप की कुल हिस्सेदारी 49 फीसदी हो जाएगी। वहीं मार्केट शेयर के हिसाब से देश की दूसरी सबसे बड़ी हवाई कंपनी इंडिगो की इस रूट पर 31 फीसदी हिस्सेदारी है। इसी प्रकार देश के दूसरे सबसे व्यस्त हवाई रास्ते दिल्ली-बेंगलुरू की बात करें तो एयर इंडिया ग्रुप की 52 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी और एनालिटिक्स कंपनी Cirium के मुताबिक इंडिगो की अभी इस पर 35 फीसदी हिस्सेदारी है।

हालांकि एयर इंडिया ग्रुप ने सीसीआई से कहा है कि फुल सर्विस और सस्ती हवाई सेवा देने वाली कंपनी के बीच लागत का फर्क कम होगा क्योंकि वे समान एयरपोर्ट से चलते हैं और तेल, लैंडिंग और पार्किंग चार्ज की भी लागत समान होती है।

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