ब्लू-चिप स्टॉक एक बार फिर से वापसी करते दिख रहे हैं। कई ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि लार्ज कैप कंपनियां चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में छोटी कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन करेंगी। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर में इन भरोसेमंद और मजबूत शेयरों में निवेश करके म्यूचुअल फंड इन एनालिस्ट्स से सहमत दिख रहे हैं। हाल ही में जारी एक नोट में कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा है कि वह सही वैल्यूएशन और अनिश्चितताओं का सामना करने की मजबूत क्षमता को देखते हुए मेगा-कैप शेयरों को वरीयता देता है। कोटक का मानना है कि 2024 की शुरुआत में विकसित देशों के ब्याज दरों जैसे फैक्टर्स के चलते ग्लोबल और भारतीय बाजार वोलेटाइल रह सकते हैं।
अक्टूबर के प्राइम डेटाबेस डेटा के मुताबिक, म्यूचुअल फंड ने टॉप 15 ब्लू-चिप शेयरों में 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। इनमें आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा लिमिटेड, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड, बजाज ऑटो लिमिटेड, एनटीपीसी लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड, पावरग्रिड कॉर्प, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड, टाइटन कंपनी लिमिटेड, डाबर इंडिया लिमिटेड, हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड और एशियन पेंट्स लिमिटेड के नाम शामिल हैं।
कोटक में अपनी इस रिपोर्ट में आगे कहा है कि आगे भारत में खपत में उछाल देखने को मिल सकता है। लेकिन ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा भारत 2024 राष्ट्रीय चुनावों की ओर बढ़ रहा है। इसका असर भी बाजार पर देखने को मिलेगा।
कई दूसरे ब्रोकरेज फर्मों ने भी अपनी हालिया रिपोर्टों में भारत को लेकर काफी पॉजिटिव बातें कही हैं। हाल ही में, मॉर्गन स्टेनली ने दिसंबर 2024 तक बीएसई सेंसेक्स के 74,000 के लक्ष्य तक पहुचने की भविष्यवाणी की थी, जो वर्तमान स्तरों से 14 फीसदी की बढ़ोतरी का संकेत है। इस अनुमान मतबल है कि सेंसेक्स 25 साल के औसत 20x को पार करते हुए 24.7x के ट्रेलिंग पी/ई मल्टिपल पर कारोबार करेगा। मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि ये हाई वैल्यूएशन भारत के मीडियम टर्म के साइकिल की तेजी में बढ़ते विश्वास का संकेत है।
गोल्डमैन सैक्स ने भी दूसरी ब्रोकरेज कंपनियों के साथ तालमेल बिठाते हुए भारत को "ओवरवेट" कटेगरी में अपग्रेड कर दिया है। इसके एनालिस्ट्स को भारत में जबरदस्त आर्थिक ग्रोथ की उम्मीद दिख रही है।
अप्रैल और सितंबर 2023 के बीच भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की भारी दिलचस्पी देखने को मिली थी। इस दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लगभग 12 फीसदी बढ़े थे। जबकि बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 35 फीसदी और 39 फीसदी की तेजी देखने को मिली थी। हालांकि जियोपोलिटिकल तनाव और ब्याज दरों के लंबे समय तक हाई लेवल पर बने रहने की उम्मीदों के बीच अक्टूबर में भारी वोलैटिलिटी देखने को मिली। जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 3 फीसदी की गिरावट आई।
अक्टूबर महीने के दौरान, म्यूचुअल फंडों ने भारतीय स्टेट बैंक, ओएनजीसी लिमिटेड और सेल सहित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से लगभग 2,700 करोड़ रुपये की निकासी की है। उन्होंने होन्सा कंज्यूमर लिमिटेड, सेलो वर्ल्ड लिमिटेड और ब्लू जेट हेल्थकेयर लिमिटेड जैसी नई लिस्टेड कंपनियों में लगभग 700 करोड़ रुपये का नया निवेश किया है। म्यूचुअल फंड्स ने आईआरएम एनर्जी लिमिटेड, जीओसीएल कॉर्प लिमिटेड और सास्केन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड जैसे शेयरों में भी नई पोजीजन बनाई है।
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