HDFC Mutual Fund ने हाल में लॉन्च अपने एचडीएफसी डिफेंस फंड के बारे में बड़ा ऐलान किया है। उसने कहा है कि 12 जून से अपने इस फंड में एकमुश्त निवेश नहीं लेगा। इसकी वजह यह है कि डिफेंस सेक्टर में लिस्टेड कंपनियों की संख्या ज्यादा नहीं है। एचडीएफसी डिफेंस सेक्टर फंड इस साल 19 मई को लॉन्च हुआ था। यह NFO 30 मई को बंद हुआ था। इस फंड ने SIP से होने वाले निवेश की मैक्सिमम सीमा भी तय कर दी है। अब हर महीने 10,000 रुपये से ज्यादा SIP की इजाजत इस फंड में नहीं होगी।
STP के नए रजिस्ट्रेशन की भी इजाजत नहीं
एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने कहा है कि वह अपने डिफेंस फंड में स्विच-इन के रिक्वेस्ट को भी एक्सेप्ट नहीं करेगा। वह सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के नए रजिस्ट्रेशन को भी इजाजत नहीं देगी। SIP पर लगा प्रतिबंध फर्स्ट होल्डर पैन लेवल पर लागू होगा। स्विचिंग ऑउट या इस स्कीम की यूनिट्स के रिडेम्प्शन पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। 12 जून से पहले के SIP और STP को प्रोसेस किया जाएगा।
पहले भी एमएफ स्कीम में नए निवेश पर रोक लगी है
किसी म्यूचुअल फंड हाउस के अपनी स्कीम में निवेश पर रोक लगाने की यह पहली घटना नहीं है। इनवेस्टर्स से मिले अमाउंट के बेहतर इनवेस्टमेंट के मौकों का इस्तेमाल करने के लिए इस तरह की रोक लगाई जाती है। यह खासकर तब होता है, डह फंड मैनेजर को अपेक्षाकृत कम लिक्विड मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करने का चैलेंज होता है।
यह स्कीम इन कंपनियों में निवेश करती है
एचडीएफसी डिफेंस फंड एक डिफेंस फोक्स्ड स्कीम है। इसका मकसद डिफेंस और इससे संबंधित सेक्टर की कंपनियों के शेयरं में निवेश कर कैपिटल की वैल्यू बढ़ाना है। चूंकि यह एक सेक्टोरल फंड है, जिससे इसका रिस्क ऑप्शन डायवर्सिफायड फंड के मुकाबले काफी ज्यादा होता है। इस स्कीम के पोर्टफोलियो में 21 कंपनियों के शेयर हैं। इनमें से ज्यादातर मिड और स्मॉलकैप शेयर हैं। इस स्कीम का प्रबधन अभिषेक पोद्दार करते हैं। इस स्कीम के प्रदर्शन के लिए बेंचमार्क Nifty India Defence Index TRI है।
डिफेंस सेक्टर में निवेश के ्ज्यादा मौके नहीं
एचडीएफसी डिफेंस सेक्टर फंड ने NFO की क्लोजिंग डेट से दो दिन पहले ही क्लोज करने का ऐलान किया था। इसमें निवेश को सीमित बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया था। दुनियाभर में डिफेंस पर होने वाला खर्च बढ़ रहा है। इंडिया में भी यह खर्च बढ़ रहा है। इस सेक्टर की कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। हालांकि,. डिफेंस और इससे जुड़े सेक्टर में लिस्टेड कंपनियों की संख्या ज्यादा नहीं है। जो कंपनियां लिस्टेड हैं उनका वैल्यूएशन ज्यादा है। यह इस फंड के लिए एक बड़ी चुनौती है।