क्या डिस्ट्रीब्यूटर्स को अपने फंड हाउस की स्कीमों की बिक्री करनी चाहिए या दूसरे एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) की स्कीमें बेचनी चाहिए? इस सवाल के जवाब में बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने नीलेश शाह के साथ एक दोस्ताना भिड़ंत का किस्सा सुनाया। नीलेश शाह कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड के एमडी हैं। माधबी पुरी बुच ने जो किस्सा सुनाया, वह 2009-11 के बीच का है। उन्होंने देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड एसबीआई म्यूचुअल फंड की तरफ से आयोजित एक समारोह में इसका जिक्र किया। एसबीआई म्यूचुअल फंड ने यह समारोह 10 लाख करोड़ रुपये के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का माइलस्टोन छूने के मौके पर आयोजित किया था।
