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Madhabi vs Nilesh: सेबी की चेयरपर्सन और कोटक एमएफ के एमडी के बीच भिड़ंत? ये है पूरा मामला

क्या डिस्ट्रीब्यूटर्स को अपने फंड हाउस की स्कीमों की बिक्री करनी चाहिए या दूसरे एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) की स्कीमें बेचनी चाहिए? इस सवाल के जवाब में बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने नीलेश शाह के साथ एक दोस्ताना भिड़ंत का किस्सा सुनाया। नीलेश शाह कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड के एमडी हैं

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jul 20, 2024 पर 1:38 PM
Madhabi vs Nilesh: सेबी की चेयरपर्सन और कोटक एमएफ के एमडी के बीच भिड़ंत? ये है पूरा मामला
सेबी की प्रमुख माधबी पुरी बुच ने सभी म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स से कहा कि उन्हीं स्कीमों को बेचना चाहिए, जो सिर्फ अच्छा ही परफॉर्म नहीं कर रहे बल्कि निवेशकों के हिसाब से बेस्ट हों।

क्या डिस्ट्रीब्यूटर्स को अपने फंड हाउस की स्कीमों की बिक्री करनी चाहिए या दूसरे एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) की स्कीमें बेचनी चाहिए? इस सवाल के जवाब में बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने नीलेश शाह के साथ एक दोस्ताना भिड़ंत का किस्सा सुनाया। नीलेश शाह कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड के एमडी हैं। माधबी पुरी बुच ने जो किस्सा सुनाया, वह 2009-11 के बीच का है। उन्होंने देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड एसबीआई म्यूचुअल फंड की तरफ से आयोजित एक समारोह में इसका जिक्र किया। एसबीआई म्यूचुअल फंड ने यह समारोह 10 लाख करोड़ रुपये के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का माइलस्टोन छूने के मौके पर आयोजित किया था।

Madhabi vs Nilesh: क्या है पूरा मामला?

2009-11 के बीच माधबी ICICI सिक्योरिटीज की सीईओ थीं और नीलेश ICICI प्रू म्यूचुअल फंड के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) थे। ICICI सिक्योरिटीज देश के सबसे बड़े ब्रोकरेज हाउस में शुमार है और यह म्यूचुअल फंड्स की भी बिक्री करती है। यह देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स में शुमार है। अब चूंकि ICICI सिक्योरिटीज और ICICI प्रू म्यूचुअल फंड एक ही ग्रुप का हिस्सा हैं तो उस समय यह कहा गया कि डिस्ट्रीब्यूटर को अपने म्यूचुअल फंड को बढ़ावा देना चाहिए।

माधबी ने बताया कि नीलेश शाह ने पाया कि ICICI सिक्योरिटीज अपने ही ग्रुप की ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड की स्कीमों को आक्रामक होकर नहीं बेच रही। फिर नीलेश शाह ने 1996-2009 तक ICICI बैंक सीईओ रहे केवी कामथ से आग्रह किया कि वे माधबी से फंड हाउस की अधिक योजनाएं बेचने का अनुरोध करें। इस पर केवी कामथ ने माधबी और नीलेश दोनों को एक बैठक के लिए बुलाया। माधबी ने कहा कि ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड की योजनाएं टॉप परफॉरमेंस वाली स्कीमों में नहीं है तो पहले नीलेश को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कहा जाए। माधबी ने स्पष्ट तरीके से कहा था कि योजनाएं अच्छी होनी चाहिए क्योंकि वे अपने ग्राहकों को इसलिए कोई स्कीम नहीं बेचेंगी कि वह अपने ही ग्रुप की स्कीम है।

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