स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड स्कीमों को ज्यादा जोखिम और ज्यादा रिटर्न वाला निवेश समझा जाता है। इनमें आमतौर पर ऐसी छोटी कंपनियों मे निवेश किया जाता है जो अपने ग्रोथ साइकिल के शुरुआती अवस्था में होती है। ये कंपनियां शॉर्ट टर्म में बाजार में होने वाले उठा-पटक से बहुत ज्यादा प्रभावित होती हैं।
बाजार की तेजी की स्थिति में इनमें बहुत तेजी से बढ़त दिखती है जबकि किसी करेक्शन की स्थिति में इस तरह के शेयर बहुत तेजी से टूटते भी हैं। लेकिन अगर 7-10 साल के लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो तमाम ऐसे स्मॉलकैप स्कीम है जिन्होंने दूसरी इक्विटी कैटेगरियों और फ्रंटलाइन इंडेक्स की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है।
SBI Small Cap Fund (SSF) एक ऐसा ही फंड है। यह स्कीम मनीकंट्रोल द्वारा चुने गए 30 निवेश करने लायक इक्विटी फंडों के MC30 बॉस्केट का एक हिस्सा है। SBI Small Cap Fund अपने कॉर्पस का करीब 65 फीसदी हिस्सा ऐसी कंपनियों में निवेश करता है जो मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर हुई कंपनियों की रैकिंग में 250 रैंक के नीचे आती हैं।
SBI MF के हेड ऑफ इक्विटी आर श्रीनिवासन SSF के फंड मैनेजर है। वे इस फंड का मैनेंजमेंट 2013 से कर रहे हैं। SSF अपनी कैटेगरी का तीसरा सबसे बड़ा फंड है। जून 2022तक इसके कुल एसेट 11,646 करोड़ रुपये थी। वर्तमान में SSF में सिर्फ नए एसआईपी इन्वेस्टमेंट की मंजूरी है। इस फंड में एकमुश्त निवेश नहीं किया जा सकता है। यह भी बता दें कि फंड की मंथली एसआईपी इंस्टॉलमेंट 25,000 रु. प्रति पैन तक सीमित है।
इस SBI Small Cap Fund (SSF) का शुरुआती नाम Daiwa Industrial Leaders Fund था। शुरुआत में यह एक लॉर्जकैप फंड था। इसकी स्थापना 2009 में हुई थी। बाद में 2013 में SBI MF ने इसका अधिग्रहण कर लिया है। उसके बाद इसका नाम बदलकर SBI Small & Midcap Fund रखा गया और इस फंड में स्मॉल और मिडकैप के लिए बराबर-बराबर एलोकेशन किया जाने लगा। बाद में इस फंड को पूरी तरीके से स्मॉलकैप कैप कैटेगरी में बदल दिया गया और इसका नाम SBI Small & Midcap Fund रख दिया गया।
इस फंड का कॉरपेस 11,646 करोड़ रुपये का है। SSF ने पिछले 5 साल के दौरान अपना 74 फीसदी निवेश AMFI-defined small-cap स्टॉक्स में किया है। खास बात यह है कि इसने पिछले 2 साल से किसी भी लॉर्जकैप स्टॉक्स में निवेश नहीं किया है। यह अपने में काफी रिस्की रणनीति है। गौरतलब है कि स्मॉलकैप फंडों में लिक्विडिटी अपने में बहुत बड़ी चुनौती होती है। हालांकि ज्यादा जोखिम के साथ इनमें ज्यादा रिटर्न की भी उम्मीद होती है।
Rajratan Global Wire, Relaxo Footwears, Thangamayil Jewellery और Garware Technical Fibres में फंड की लॉन्ग टर्म होल्डिंग इसके लिए काफी फायदेमंद साबित हुई है। हाल के गिरावट में इस फंड ने Delhivery, Zydus Wellness, Nuvoco Vistas Corporation और Brigade Enterprises में भी खरीदारी की है।
पिछले कुछ सालों से इस फंड में शामिल स्टॉक की औसत संख्या 49 है जो अपनी कैटेगरी के दूसरी फंडों की तुलना में सबसे कम है। फंड के मैनेजर आर श्रीनिवासन का कहना है कि हम इस फंड में स्टॉक की संख्या में 49 से भी कम करना चाहते हैं। लिक्विडिटी से जुड़ी चुनौतियां और हायर कन्विक्शन वाले स्टॉक की कमी के कारण इस फंड में शेयरों की संख्या इतनी ज्यादा है। फंड में शेयरों की संख्या कम करना हमारे लिए एक चुनौती है। इसलिए हमने इस फंड में एक मुश्त निवेश लेना बंद कर दिया है।
जानकारों का कहना है कि जिन निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता ज्यादा है वो SSF में 7 साल या इससे ज्यादा की अवधि के नजरिए से एसआईपी के जरिए निवेश कर सकते हैं।
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