Equity mutual fund schemes : शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते मार्केट सेंटीमेंट कमजोर होने से इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम्स को तगड़ा झटका लगा है। जून में इक्विटी एमएफ स्कीम्स में इनवेस्टर्स का निवेश 16.3 फीसदी घटकर 15,497 हजार करोड़ रुपये रह गया है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) से मिले डाटा से यह बात सामने आई है।
डेट स्कीम्स से कुल 92,000 करोड़ रुपये की निकासी
वहीं डेट स्कीम्स (Debt schemes) से इस दौरान कुल 92,000 करोड़ रुपये की पूंजी निकाली गई। इसकी मुख्य वजह एडवांस टैक्स पेमेंटंस के लिए इंस्टीट्यूशनल और कॉर्पोरेट इनवेस्टर्स द्वारा तिमाही के अंत में की गई निकासी रही। साथ इन स्कीम्स पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी से डेट स्कीम्स पर मार्क-टू-मार्केट असर भी दिखा।
AMFI के चीफ एग्जीक्यूटिव एनएस वेंकटेश ने कहा, “इंस्टीयूशनल इनवेस्टर्स ब्याज दरों में बदलाव को लेकर ज्यादा संवेदनशील होते हैं। वे सामान्य रूप से वेट एंड वाच के मूड में रहेंगे और एक बार ब्याज दरें स्थिर होने का इंतजार करेंगे।”
17.92 लाख नए एसआईपी खाते खुले
वहीं इस महीने में 17.92 लाख नए एसआईपी खाते (SIP accounts) खुले। अप्रैल से ही महीनावार इस संख्या में कमी देखने को मिल रही है। वेंकटेश ने इसके लिए इनवेस्टर्स के सतर्क रुख को जिम्मेदार बताया, क्योंकि बाजार में खासा ज्यादा उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
वहीं, पिछले महीने की तुलना में जून में एसआईपी (SIP) अंशदान मामूली घटकर 12,275 करोड़ रुपये के आसपास रह गया। हाइब्रिड कैटेगरी (hybrid category) के भीतर, आर्बिट्रेज फंड्स (arbitrage funds) से 5,593 करोड़ की निकासी हुई।
जून में 4.2 फीसदी घटा एयूएम
म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए, पिछले महीने की तुलना में जून महीने में एसेट अंडर मैनेजमेंट (assets under management) यानी AUM 4.2 फीसदी घटकर 35.64 लाख करोड़ रुपये रह गया।
वेंकटेश ने यह पुष्टि भी की कि उद्योग ने पूल खातों से संबंधित सेबी के निर्देशों का अनुपालन किया, जिससे अब एनएफओ को फिर से लॉन्च करना चाहिए।