Mutual Funds को बाजार में गिरावट से बड़ा नुकसान, PSU स्टॉक्स में गंवाए 90000 करोड़ रुपये

Mutual Funds: दो दिनों में म्यूचुअल फंड्स ने पब्लिक सेक्टर की कंपनियों की मार्केट वैल्यू में 90000 करोड़ रुपये का भारी लॉस उठाया है। 3 जून तक म्यूचुअल फंड्स के पास 84 सरकारी कंपनियों के 5.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर थे। चुनाव नतीजों के बाद यह मूल्य घटकर 4.83 लाख करोड़ रुपये रह गया

अपडेटेड Jun 05, 2024 पर 2:19 PM
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चुनाव नतीजों के बीच भारतीय शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई है।

चुनाव नतीजों के बीच भारतीय शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई है। इस बीच पब्लिक सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में जमकर बिकवाली देखी गई। इसके चलते म्यूचुअल फंड्स को भी बड़ा नुकसान हुआ है। पिछले दो दिनों में म्यूचुअल फंड्स ने पब्लिक सेक्टर की कंपनियों की मार्केट वैल्यू में 90000 करोड़ रुपये का भारी लॉस उठाया है। 3 जून तक म्यूचुअल फंड्स के पास 84 सरकारी कंपनियों के 5.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयर थे। चुनाव नतीजों के बाद यह मूल्य घटकर 4.83 लाख करोड़ रुपये रह गया।

SBI, NTPC समेत इन शेयरों में MF की बड़ी हिस्सेदारी

4 जून तक म्यूचुअल फंड (MF) के पास भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में सबसे बड़ी हिस्सेदारी थी, उसके बाद NTPC लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का स्थान था। इस दौरान SBI के शेयरों में MF की हिस्सेदारी 3 जून को 90440 करोड़ रुपये से घटकर 77400 करोड़ रुपये हो गई, यानी इसमें 13,040 करोड़ रुपये की कमी आई है। NTPC में MF की हिस्सेदारी 58,157 करोड़ रुपये थी, जो पिछले दिन के 68,780 करोड़ रुपये से 10,625 करोड़ रुपये कम है।


अन्य अहम होल्डिंग्स में पावर ग्रिड कॉर्प (31,136 करोड़ रुपये), कोल इंडिया (29,420 करोड़ रुपये), पावर फाइनेंस कॉर्प (22,430 करोड़ रुपये), REC (18,390 करोड़ रुपये) और ONGC (18,955 करोड़ रुपये) शामिल हैं। इन फर्मों में MF वैल्यू में क्रमश: 8,275 करोड़ रुपये, 4,400 करोड़ रुपये, 4,665 करोड़ रुपये, 4,500 करोड़ रुपये और 5,490 करोड़ रुपये की कमी आई।

5 जून तक कुल मार्केट कैप में पीएसयू शेयरों की हिस्सेदारी छह महीने के निचले स्तर 13.1 फीसदी पर आ गई, जो मई में सात साल के उच्चतम स्तर 16% से कम है। पिछले दो सत्रों में भारतीय लिस्टेड पीएसयू फर्मों ने सामूहिक रूप से लगभग 10 लाख करोड़ रुपये खो दिए, जिससे उनका कुल मार्केट कैप 55 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह गिरावट सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों में जोरदार तेजी के कारण आई।

बाजार में गिरावट पर ये है एक्सपर्ट्स की राय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा को बहुमत दिलाने में विफल रहने के बाद पिछले दो सत्रों में भारतीय बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा शोध प्रमुख दीपक जसानी ने कहा कि पीएसयू शेयरों में हालिया गिरावट तब हुई जब उनका वैल्यूएशन अधिक हो गया, जिससे औसत में बदलाव हुआ। भविष्य को देखते हुए पीएसयू बैंक अट्रैक्टिव लग रहे हैं, जबकि अन्य शेयर रोटेशनल इंटरेस्ट आकर्षित कर सकते हैं। जसानी ने कहा कि अगले बजट से स्पष्टता का इंतजार है, जो रेलवे, बंदरगाहों और कैपिटल गुड्स जैसे क्षेत्रों में सरकारी खर्च को तय करेगा, जो पीएसयू शेयरों में निवेश निर्णयों को प्रभावित करेगा।

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