नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) से आज जी ग्रुप को बड़ी राहत मिली है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) की दिवाला प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया था। NCLT ने यह आदेश इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) की याचिका पर सुनाया था। हालांकि अब NCLAT ने इस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दिया है और इंडसइंड बैंक को नोटिस जारी किया है। इंडसइंड बैंक को यह नोटिस NCLAT ने जी ग्रुप के मालिक पुनीत गोयनका की याचिका पर भेजा है। मामले की अगली सुनवाई NCLAT में 29 मार्च को है। जी की दलील है कि एनसीएलटी में सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने का उसे मौका नहीं मिला तो उसने दिवाला प्रक्रिया के खिलाफ अपील की।
इसका असर शेयरों पर भी दिख रहा है और करीब 2 फीसदी उछलकर बीएसई पर 204.60 रुपये (Zee Entertainment Enterprises Share Price) पर पहुंच गया। एक दिन पहले इसके शेयर 14 फीसदी टूटकर 17 महीने के निचले स्तर 176.60 रुपये पर आ गए थे। हालांकि पुनीत गोयनका की याचिका के चलते यह 13 फीसदी रिकवर होकर 198.75 रुपये के भाव पर बंद हुआ था।
IndusInd Bank की याचिका पर NCLT ने सुनाया था फैसला
एनसीएलटी ने जी एंटरटेनमेंट की दिवाला प्रक्रिया शुरू करने का आदेश इंडसइंड बैंक की याचिका पर दिया था। इंडसइंड बैंक ने यह याचिका 89 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट पर दायर किया था। मामला ये है कि Siti Networks ने कई बैंकों से लोन लिया था और इसमें जी एंटरटेनमेंट गारंटर थी। सिटी नेटवर्क्स जी ग्रुप की मल्टीसिस्टम ऑपरेटर आर्म है। एनसीएलटी ने सिटी नेटवर्क्स के खिलाफ भी अलग से दिवाला याचिका दायर किया हुआ है। हालांकि एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ जी ग्रुप के मालिक एनसीएलएटी पहुंच गए जहां उन्हें राहत मिली।
कैसी रही कंपनी की Zee Entertainment की दिसंबर तिमाही
जी एंटरटेनमेंट के लिए चालू वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2022 बेहतर नहीं रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 92 फीसदी गिरकर 298.98 करोड़ रुपये से महज 24.32 करोड़ रुपये रह गया।