अगर आप बड़ी रकम ट्रांसफर करना चाहते हैं तो अब आपके लिए Real Time Gross Settlement System (RTGS) सुविधा 24 घंटे के लिए आज से खुल गई है। यानी अब आप घर बैठे कभी भी बड़ी रकम का ट्रांजैक्शन करते सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India -RBI) के गर्वनर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने अक्टूबर महीने में मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) के दौरान ऐलान किया था कि दिसंबर महीने से RTGS सिस्टम 24 घंटे काम करेगा। इसी तरह RBI ने साल 2019 में National Electronic Funds Transfer (NEFT) सुविधा को 24 घंटे के लिए मुहैया कराया था। यानी NEFT की सर्विस साल 2019 से 24 घंटे सर्विस मिल रही है।
इन सालों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करना काफी आसान हो गया है। लेकिन आपको पैसों का ट्रांसफर करना किस विधि से करना है यह आपके ऊपर निर्भर करता है। आप तुरंत पैसे भेजने के लिए NEFT, RTGS और Immediate Payment Service (IMPS) जैसी तमाम सुविधाओं का चयन कर सकते हैं। हर एक सुविधा में पैसे ट्रांसफर करने की अलग-अलग विशेषताएं हैं। आपको कितने रुपये ट्रांसफर करना है। किस सुविधा में कितना टाइम लगता है। ऐसी तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए ट्रांजैक्शन करने की सुविधा तय करनी चाहिए।
जानिए ऑनलाइन फंड ट्रांसफर करने के क्या-क्या तरीके हैं और कौन सा तरीका सबसे अच्छा है..
NEFT
NEFT के जरिए आप बैंक अकाउंट से किसी भी ऐसे व्यक्ति को फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। जिसका अकाउंट आपके ही बैंक में हो या किसी दूसरे बैंक में हो। NEFT के जरिए किया जाने वाला फंड ट्रांसफर हर आधे घंटे में कई फेज में होता है। यानी कि यह रियल टाइम में ट्रांसफर नहीं होता है। NEFT के जरिए कम से कम 1 रुपये का ट्रांसपर कर सकता है। जबकि अधिकतम लिमिट का निर्धारण हर बैंक अलग अलग कर सकता है।
जैसे कि IDFC First Bank से अधिकतम फंड ट्रांसफर करने की लिमिट 20 लाख रुपये प्रति दिन है। वहीं ICICI बैंक से 10 NEFT के जरिए हर दिन 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए जा सकते हैं। बैंक के मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग के जरिए होने वाले NEFT फंड ट्रांसफर फंड पर कोई शुल्क नहीं लगता। लेकिन अगर आप बैंक की शाखा में जाकर ट्रांसफर करते हैं तो शुल्क लगेगा। जैसे ICICI बैंक ट्रांजैक्शन वैल्यू के आधार पर इस सुविधा में 2.25 रुपये लेकर 24.75 पैसे साथ में GST लगाकर शुल्क ले सकता है।
RTGS
RTGS प्रॉसेस में मनी का ट्रांसफर रियल टाइम बेसिस पर तुंरत ही बेनिफियरी के अकाउंट में हो जाता है। RTGS सिस्टम का मुख्य लक्ष्य बड़े वैल्यू वाले ट्रांजैक्शन हैं। जिन्हें तत्काल पैसों की जरूरत होती है। ऐसे लोग RTGS सिस्टम का लाभ उठा सकते हैं। इसका ज्यादार उपयोग बड़ी कंपनियों और संस्थानों द्वारा रियल टाइम बेसिस यानी तत्काल पैसे के ट्रांसफर के लिए किया जाता है। इसकी कम से कम लिमिट 2 लाख रुपये है। जबकि अधिक से अधिक लिमिट एक बैंक से दूसरे बैंक में अलग-अलग हो सकती है। लेकिन RBI द्वारा इस कोई अपर लिमिट नहीं लगाई गई है।
जैसे कि IDFC First Bank से अधिक से अधिक फंड ट्रांसफर करने की लिमिट 20 लाख रुपये प्रति दिन है। वहीं ICICI बैंक से 10 NEFT के जरिए हर दिन 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
बैंक के मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग के जरिए होने वाले NEFT फंड ट्रांसफर फंड पर कोई शुल्क नहीं लगता। लेकिन अगर आप बैंक की शाखा में जाकर ट्रांसफर करते हैं तो कुछ बैंक शुल्क लेते हैं। जैसे ICICI बैंक ट्रांजैक्शन वैल्यू के आधार पर इस सुविधा में 20 रुपये से 45 रुपये और साथ में GST के साथ शुल्क ले सकते हैं।
IMPS
IMPS यानी इमिडिएट पेमेंट सर्विस के जरिए आप ऑनलाइन तुरंत पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। यह ट्रांसफर मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग, SMS या ATM के जरिए कर सकते हैं। IMPS में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) मेंबर बैंकों के बीच फंड ट्रांसफर करने की सहूलियत देता है। अपने अकाउंट से बेनिफिशियरी अकाउंट में तुरंत पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं। इस सर्विस से आप किसी भी वक्त पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। इसमें मिनिमम ट्रांजैक्शन वैल्यू 1 रुपए और मैक्सिमम 2 लाख रुपए तक है।
अगर NEFT की सुविधा 24X7 है तो IMPS क्यों इस्तेमाल करें?
IMPS में नेट बैंकिंग और मोबाइल के जरिए रियल टाइम फंड ट्रांसफर किया जा सकता है। NEFT में फंड ट्रांसफर रियल टाइम में नहीं होता है बल्कि हर आधे घंटे में होता है। लिहाजा अगर रियल टाइम में फंड ट्रांसफर करना है तो IMPS बेहतर विकल्प है।
