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सनस्क्रीन खरीदने से पहले जान लें ये फर्क, नहीं होगा स्किन को नुकसान

सनस्क्रीन में इस्तेमाल होने वाले ओल्ड और न्यू जेनरेशन फिल्टर्स के बीच का अंतर जानना जरूरी है। दोनों ही त्वचा को धूप से बचाते हैं, लेकिन उनकी तकनीक और असर अलग-अलग होते हैं। सही जानकारी से आप अपनी स्किन के लिए ज्यादा सुरक्षित और असरदार सनस्क्रीन का चुनाव कर सकते हैं

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड May 04, 2026 पर 11:46 AM
सनस्क्रीन खरीदने से पहले जान लें ये फर्क, नहीं होगा स्किन को नुकसान
न्यू जनरेशन फिल्टर्स की सबसे खास बात है उनकी फोटो-स्टेबिलिटी।

जब भी आप सनस्क्रीन लगाते हैं, उसकी असली ताकत उसके अंदर मौजूद फिल्टर्स में होती है। यही फिल्टर्स आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने का काम करते हैं और तय करते हैं कि आपकी स्किन कितनी सुरक्षित रहेगी। आजकल सोशल मीडिया पर ओल्ड और न्यू जनरेशन फिल्टर्स को लेकर काफी चर्चा हो रही है, जिससे लोग कंफ्यूज हो रहे हैं कि कौन सा विकल्प बेहतर है। दरअसल, हर सनस्क्रीन एक जैसी नहीं होती, बल्कि उसमें इस्तेमाल किए गए फिल्टर्स उसकी क्वालिटी और असर को तय करते हैं।

कुछ फिल्टर्स पुराने हैं, जो सालों से इस्तेमाल हो रहे हैं, जबकि कुछ नए और एडवांस हैं, जो बेहतर सुरक्षा देने का दावा करते हैं। ऐसे में सही जानकारी होना जरूरी है, ताकि आप अपनी स्किन के लिए सही सनस्क्रीन चुन सकें और धूप से होने वाले नुकसान से बचाव कर सकें।

ओल्ड vs न्यू फिल्टर्स

पुराने यानी ओल्ड जनरेशन फिल्टर्स 1960-80 के बीच विकसित हुए थे। इनमें एवोबेन्जोन, ऑक्सीबेन्जोन जैसे केमिकल्स शामिल होते हैं।

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