Nestle India Q3 Results: नेस्ले इंडिया ने शुक्रवार 30 जनवरी को मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि दिसंबर तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा 46 फीसदी बढ़कर 1,018.1 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने बताया कि उसे 202 करोड़ रुपये के एक मुश्त लाभ से अपना मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली, जो टैक्स राइट-बैक की वजह से हुआ। नेस्ले ने बताया कि दिसंबर तिमाही में नए लेबर कोड का असर ₹10 करोड़ था, जबकि ₹35 करोड़ का और असर सेवरेंस इम्पैक्ट की वजह से हुआ, जिससे ₹158 करोड़ का नेट फायदा हुआ।
कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़कर 5,667 करोड़ रुपये रहा। वहीं कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA 1,201 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल से 9% ज्यादा है। हालांकि EBITDA मार्जिन इस दौरान पिछले साल के 23.1% से 2 फीसदी घटकर 21.1% हो गया। कंपनी ने बताया कि एडवरटाइजिंग खर्च में बढ़ोतरी के कारण मार्जिन कम हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि से 42% बढ़ा है।
इस तिमाही में कन्फेक्शनरी सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रोडक्ट ग्रुप था, जिसमें मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ की वजह से डबल-डिजिट ग्रोथ हुई। इस ग्रोथ में विज्ञापन पर अधिक खर्च, स्टोर की मौजूदगी का बढ़ना और प्रोडक्ट्स की बड़ी रेंज, ग्रामीण मार्केट में तेजी, प्रीमियमाइजेशन और क्विक-कॉमर्स की मदद से इन-होम पहुंच में बढ़ोतरी का हाथ रहा।
तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने अंतरिम डिविडेंड देने के फैसले को भी मंजूरी दी। कंपनी ने बताया कि योग्य शेयरधारकों को 1 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 7 रुपये का अंतरिम डिविडेंड दिया जाएगा।
तिमही नतीजों के ऐलान के बाद नेस्ले इंडिया के शेयर दोपहर 2.30 बजे के करीब, एनएसई पर 3.73 फीसदी की तेजी के साथ 1,335.90 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे।
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।