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TCS, Infosys और HCLTech को नए लेबर कोड़्स से झटका; Q3 में खर्च हुए ₹4373 करोड़

New Labour Code Cost on IT Companies: पिछले साल नवंबर महीने में सरकार ने नए लेबर कोड लागू किए। इसके चलते आईटी कंपनियों पर जो असर पड़ा, उसका दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजे से खुलासा हुआ है। देश की तीन बड़ी आईटी कंपनियों टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys) और एचसीएलटेक (HCLTech) को ₹4373 करोड़ का झटका लगा। जानिए लेबर कोड्स में क्या बदलाव हुए, इसे लेकर कंपनियों का क्या कहना है और आगे कितना असर पड़ने के आसार हैं?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 15, 2026 पर 12:41 PM
TCS, Infosys और HCLTech को नए लेबर कोड़्स से झटका; Q3 में खर्च हुए ₹4373 करोड़
New Labour Code Cost on IT Companies: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस (Infosys) और एचसीएलटेक (HCLTech) जैसी आईटी कंपनियों को नए लेबर कोड के लागू होने से ₹4373 करोड़ का झटका लगा। (File Photo- Pexels)

New Labour Code Cost on IT Companies: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस (Infosys) और एचसीएलटेक (HCLTech) जैसी आईटी कंपनियों को नए लेबर कोड के लागू होने से ₹4373 करोड़ का झटका लगा। इसके चलते चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2025 में देश की तीन बड़ी आईटी कंपनियों के मुनाफे में दोहरे अंकों की तेज गिरावट दिखी। 14 जनवरी को इंफोसिस ने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए जिसमें सामने आया कि नए लेबर कोड के चलते दिसंबर तिमाही में इसे ₹1,289 करोड़ का एक्सपेश्नल शॉक लगा। वहीं 12 जनवरी को टीसीएस ने दिसंबर 2025 तिमाही में ₹2128 करोड़ और एचसीएलटेक ने ₹956 करोड़ के एक्सेप्शनल एक्सपेंस की जानकारी दी।

अब मार्जिन की बात करें तो नए लेबर कोर्स का इन कंपनियों के मार्जिन पर मिला-जुला असर नहीं पड़ा। नए लेबर कोड से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद टीसीएस तिमाही आधार पर 25.2% के ऑपरेटिंग मार्जिन को बनाए रखने में कामयाब रही। हालांकि इंफोसिस की ऑपरेटिंग मार्जिन ग्रोथ बढ़कर 18.6% पर पहुंच गई जबकि इंफोसिस की ऑपरेटिंग मार्जिन तिमाही आधार पर 21% से बढ़कर 18.4% पर पहुंच गई। इंफोसिस का कहना है कि अगर नए लेबर कोड्स से जुड़ी कॉस्ट न होती तो यह मार्जिन 21.2% होता।

क्या हैं नए लेबर कोड्स और क्या कहना है कंपनियों का?

नए लेबर कोड्स नवंबर 2025 में लागू हुए थे। इसमें बेहतर सैलरी, सेफ्टी, सोशल सिक्योरिटी और वेलफेयर को लेकर कई बदलाव पेश किए गए। आईटी/आईटीईएस सेक्टर के लिए चार नए लेबर कोड के तहत फिक्स्ड-टर्म एंप्लॉयमेंट के जरिए गारंटेड सोशल सिक्योरिटी बेनेफिट्स, अनिवार्य निकुक्ति पत्र, हायर बेसिक पे और तय वर्क ऑवर्स तय किए हैं। इसके अलावा आईटी कंपनियों को महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की सुविधा देने को कहा गया है, ताकि उन्हें अधिक सैलारी कमाने का मौका मिल सके।

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