Nifty 50 Next Year: अगले साल फरवरी तक 30,500 तक जा सकता है निफ्टी, इन वजहों से आएगी तेजी

PL Capital का कहना है इम्प्रूवमेंट के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। भारत ने कई ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। इनमें अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के साथ ट्रेड एग्रीमेंट्स शामिल हैं। कम इनफ्लेशन, जीएसटी रिफॉर्म्स और इंटरेस्ट रेट में कमी से डिमांड बढ़ने के भी संकेत दिख रहे हैं

अपडेटेड Feb 25, 2026 पर 6:40 PM
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ट्रेड एग्रीमेंट्स से भारत ऑटो कंपोनेंट्स, डेटा सेंटर्स, डिफेंस, एयरोस्पेस और कंज्यूमेबल्स में मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन सकता है।

ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल ने अगले साल फरवरी तक निफ्टी के 30,497 प्वाइंट्स पर पहुंच जाने का अनुमान जताया है। इसका मतलब है कि एक साल में निफ्टी का रिटर्न करीब 20 फीसदी रह सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने अपने नए इंडिया स्ट्रेटेजी नोट में कहा है कि बुल केस यानी स्थितियां अनुकूल रहने पर निफ्टी इस लेवल पर पहुंच जाएगा। हालांकि, पहले उसने बुल केस में निफ्टी के लिए 30,783 का टारगेट दिया था।

बीते 9 महीनो में निफ्टी 5-6 फीसदी के दायरे में

PL Capital का कहना है कि बेयर केस में निफ्टी 26,486 प्वाइंट्स पर होगा। पहले उसने बेयर केस में निफ्टी के लिए 26,735 का टारगेट दिया था। उसने कहा है कि पिछले 9 महीनों से निफ्टी करीब 5-6 फीसदी के दायरे में बना हुआ है। इससे निफ्टी के लंबे कंसॉलिडेशन फेज में रहने का संकेत मिलता है। इसका मतलब है कि FY26 और FY27 के ईपीएस अनुमान में ब्रोकरेज फर्म में 9-9.5 फीसदी की कमी की है। इसमें जियोपॉलिटिकल टेंशन और टैरिफ को लेकर अनिश्चितता का हाथ है।


ट्रेड एग्रीमेंट्स का पॉजिटिव असर पड़ेगा

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इम्प्रूवमेंट के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। भारत ने कई ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। इनमें अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के साथ ट्रेड एग्रीमेंट्स शामिल हैं। कम इनफ्लेशन, जीएसटी रिफॉर्म्स और इंटरेस्ट रेट में कमी से डिमांड बढ़ने के भी शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। कंपनियों के प्रदर्शन में भी इम्प्रूवमेंट है। सेल्स, एबिड्टा औ टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) की ग्रोथ क्रमश: 9.9 फीसदी, 16.4 फीसदी और 16.7 फीसदी रही है।

डिफेंस, डेटा सेंटर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट्स पर बढ़ा फोकस

पीएल कैपिटल ने हालांकि, निफ्टी के EPS अनुमान को घटाया है। FY26, FY27 और FY28 के लिए उसने ईपीएस अनुमान में क्रमश: 2.9 फीसदी, 1.7 फीसदी और 0.7 फीसदी की कमी की है। उसने FY26-28 के बीच ईपीएस सीएजीआर 16.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट में कहा गया है कि डिफेंस, डेटा सेंटर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट्स, हाई स्पीड रोल कॉरिडोर, रिन्यूएबल्स एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस बढ़ा है। इससे आने वाले सालों में ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

कई सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन सकता है भारत

ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि अमेरिका और ईयू से ट्रेड एग्रीमेंट होने से टेक्सटाइल्, जेम्स एंड ज्वेलरी, मरीन प्रोडक्ट्स, लेदर और हैंडीक्राफ्ट्स जैसे ज्यादा लेबर के इस्तेमाल वाले सेक्टर्स को फायदा मिलेगा। ट्रेड एग्रीमेंट्स से भारत ऑटो कंपोनेंट्स, डेटा सेंटर्स, डिफेंस, एयरोस्पेस और कंज्यूमेबल्स में मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बन सकता है।

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बैंक, डायवर्सिफायड फाइनेंशियल्स, हेल्थकेयर के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

पीएल कैपिटल का कहना है कि निफ्टी की वैल्यूएशन उसके 15 साल के 18.3 गुना एवरेज पीई के मुकाबले 5 फीसदी कम है। उसने दिसंबर 2027 में ईपीएस का 1,525 का अनुमान लगाया है और 12 महीने के लिए 27,958 का टारगेट तय किया है। ब्रोकरेज ने बैंक, डायवर्सिफायड फाइनेंशियल्स, हेल्थकेयर, कंज्यूमर, ऑटो, कैपिटल गुड्स और डिफेंस सेक्टर के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। उसने AI-आधारित बदलावों को लेकर सावधान किया है। हालांकि, उसने कहा है कि अल नीनो, इंटरेस्ट रेट्स और इनफ्लेशन के लेवल पर नजर बनाए रखना होगा।

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