घरेलू स्टॉक मार्केट में बिकवाली के माहौल में अकेले आईटी शेयरों का हौंसला बुलंद दिख रहा है। इसका निफ्टी इंडेक्स करीब 1 फीसदी मजबूत है और इंट्रा-डे में तो पहली बार इसने 46000 का लेवल पार किया और 46,002.65 तक पहुंचा। वहीं दूसरी तरफ घरेलू इक्विटी बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) रेड जोन में बने हुए हैं। निफ्टी आईटी की बात करें तो अमेरिका में महंगाई के आंकड़े आने के बाद आईटी शेयरों में जोश आया तो इसका निफ्टी इंडेक्स भी उड़ चला। इन शेयरों में जोश इसलिए आया क्योंकि अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से यह उम्मीद बंधी है कि फेडरल रिजर्व अगले हफ्ते ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।
US CPI और Fed Rate Cut से क्यों चढ़े IT Stocks
मेहता इक्विटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत तापसे के मुताबिक अमेरिका में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) उम्मीद के मुताबिक ही रही है जिसके चलते उम्मीद है कि 18 अक्टूबर को अमेरिकी फेड ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है। रेट कटौती के फैसले से भारतीय आईटी कंपनियों को सपोर्ट मिलेगा क्योंकि उनके रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इंवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ वीके विजयकुमार का भी मानना है कि अक्टूबर के मुकाबले नवंहर में यूएस सीपीआई इनफ्लेशन बढ़कर 2.7 फीसदी पर पहुंच गई लेकिन यह उम्मीद के मुताबिक ही रहा तो अब आगे फेड से इंटेरेस्ट रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की उम्मीद बनी हुई है।
Nifty IT के सभी शेयर ग्रीन
निफ्टी आईटी में 10 कंपनियों के स्टॉक्स हैं और सभी ग्रीन हैं। इन शेयरों में 4 फीसदी तक की तेजी आई और दो- टीसीएस और एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज को छोड़ बाकी सभी- कोफोर्ज, टेक महिंद्रा, पर्सिस्टेंट, एलटीआई माइंडट्री, इंफोसिस, एमफेसिस, विप्रो और एचसीएल टेक ने एक साल का नया हाई बना दिया। यह तेजी अमेरिकी मार्केट में नास्डाक के पहली बार 20 हजार के पार बंद होने के बाद आया है।
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