Nifty 2024 में हासिल कर सकता है 21,800 का टारगेट, भारत के कोर फंडामेंटल्स काफी मजबूत : गोल्डमैन सैक्स

लंबी अवधि के नजरिए से भारत का बाजार दूसरे बाजारों की तुलना में काफी अच्छा दिख रहा है। आगे भारत में विदेशी निवेशकों की वापसी होती दिखेगी। FIIs के लिए भारत में अभी की निवेश बढ़ाने के काफी ज्यादा मौके हैं। भारत में निवेश का एक और इंजन काफी जोर से काम कर रहा है। ये है सीधे तौर पर या एसआईपी के जरिए होने वाला रिटेल निवेश

अपडेटेड Nov 27, 2023 पर 2:23 PM
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गोल्डमैन सैक्स ने एक साल पहले भारत पर अपने आउटलुक को घटा दिया दिया था। इसकी वजह ये थी कि फ्रंटलाइन इंडेक्स लगभग 24 गुना फॉरवर्ड अर्निंग पर कारोबार कर रहे थे, जो महंगा लग रहा था

निवेश के नजरिए से भारत की स्थिति पॉजिटिव है। भारत के फंडामेंटल्स काफी मजबूत हैं। भारत के बाजार दुनिया के तमाम बड़े बाजारों की तुलना में काफी अच्छे दिख रहे हैं। भारत की इकोनॉमी और कॉर्पोरेट आय दोनों में आगे अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। ये बातें गोल्डमैन सैक्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट एशिया प्रशांत टिमोथी मो ने सीएनबीसी- टीवी18 के साथ बातचीत में कही हैं। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2024 में निफ्टी में 21,800 का स्तर देखने को मिल सकता है। इसको देखते हुए गोल्डमैन सैक्स ने भारत की रेटिंग बढ़ाकर ‘overweight’ कर दी है।

टिमोथी मो ने इस बातचीत में आगे कहा कि गोल्डमैन सैक्स ने एक साल पहले भारत पर अपने आउटलुक को घटा दिया दिया था। इसकी वजह ये थी कि फ्रंटलाइन इंडेक्स लगभग 24 गुना फॉरवर्ड अर्निंग पर कारोबार कर रहे थे, जो महंगा लग रहा था। मो ने कहा, बहुत सारी 'अच्छी खबरें' वैल्यूएशन में शामिल हो गई थी। इसलिए गोल्डमैन सैक्स ने अपने लंबे समय से चले आ रहे ‘overweight’कॉल को घटाकर ‘market weight’ कर दिया था।

हालांकि, वित्त वर्ष 2023 में अंडरलाइंग कॉर्पोरेट आय लगभग 17 फीसदी बढ़ी, जबकि निफ्टी इसी दौरान नौ फीसदी बढ़ा। इसलिए, वैल्यूएशन में कुछ कमी आई है, क्योंकि पीई अनुपात 24x से घटकर लगभग 20x हो गया है। मो ने आगे कहा, "वर्तमान में यह अभी भी महंगा है, लेकिन उतना महंगा नहीं है। इसको देखते हमें लगता है कि भारतीय बाजार लंबे नजरिए से निवेश के लिए अच्छा है।"


यह पूछे जाने पर कि क्या एशिया आगे चलकर निवेश डेस्टिनेशन साबित होगा? मो ने कहा कि एशियाई बाजारों को दो क्षेत्रों से भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पहला है बॉन्ड यील्ड और दूसरा है ग्लोबल इक्विटी मार्केट। उम्मीद है की 2024 में सभी बाजारों में मिड सिंगल डिजिट ग्रोथ देखने को मिलेगी जो सबको लगभग समान स्तर पर ला देती है।

हालांकि लंबी अवधि के नजरिए से भारत का बाजार दूसरे बाजारों की तुलना में काफी अच्छा दिख रहा है। आगे भारत में विदेशी निवेशकों की वापसी होती दिखेगी। FIIs के लिए भारत में अभी की निवेश बढ़ाने के काफी ज्यादा मौके हैं। भारत में निवेश का एक और इंजन काफी जोर से काम कर रहा है। ये है सीधे तौर पर या एसआईपी के जरिए होने वाला रिटेल निवेश। ये बहुत अच्छी बात है कि भारतीय बाजारों को इस समय अपने घरेलू निवेशकों से ही जोरदार सपोर्ट मिल रहा है। विदेशी निवेशकों पर भारत की निर्भरता कम हो रही है।

इस बातचीत में टिमोथी मो ने आगे कहा कि कंज्यूमर ओरिएंटेड एनबीएफसी की तुलना में बैंकिंग शेयर ज्यादा अच्छे लग रहे हैं। इसके अलावा अब तक सुस्ती में रहे लार्ज कैप भी अब तेजी पकड़ते दिख सकते हैं। मिडकैप में भी निवेश के अच्छे मौके हैं। खपत वाले शेयरों में भी टिमोथी मो को कमाई के मौके दिख रहे हैं।

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गोल्डमैन सैक्स का ये भी कहना है कि आगामी इलेक्शंस को देखते हुए बाजार में वोलैटिलिटी रहने की उम्मीद है लेकिन लॉन्ग टर्म में भारतीय बाजार का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। भारतीय बाजार के कोर फंडामेंटल्स काफी अच्छे हैं। ऐसे में लॉन्ग टर्म में चुनावों का बाजार पर कोई असर नहीं होगा

 

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