Nifty Outlook: कच्चे तेल में तेजी, 22000 का लेवल बचा पाएगा निफ्टी? जानिए एक्सपर्ट से
Nifty Outlook: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल तनाव के बीच निफ्टी दबाव में है। 22,000 का स्तर अहम सपोर्ट बन गया है। जानिए एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाजार में आगे गिरावट या रिकवरी की कितनी संभावना है।
LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक, बुधवार से अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है।
Nifty Outlook: इस हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार पर फिर दबाव दिखा। निफ्टी 22,500 के स्तर से नीचे फिसल गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते बाजार में लगातार बिकवाली रही। इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और जोखिम लेने की इच्छा घट गई।
गिरावट के बाद रिकवरी टिकी नहीं
निफ्टी ने 270 अंकों की तेज गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर बाजार पर दिखा।
शुरुआती कारोबार में इंडेक्स 22,472 तक गिर गया था, लेकिन पहले 20 मिनट में करीब 200 अंकों की रिकवरी भी देखने को मिली। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं पाई। जैसे ही बाजार ऊपर आया, निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जो पूरे सत्र में जारी रही। आखिर में निफ्टी 488 अंक गिरकर 22,331 पर बंद हुआ। यह 7 अप्रैल 2025 के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग स्तर है।
किन शेयरों में दिखी हलचल
निफ्टी के शेयरों में Hindalco, Tech Mahindra और Coal India ने गिरते बाजार में भी बढ़त दिखाई। वहीं Bajaj Finance, Shriram Finance और SBI जैसे फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सभी सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी रही, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि ब्रॉडर मार्केट भी गिरावट में रहा। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 2.7% की गिरावट के साथ बंद हुए, जो बाजार में व्यापक कमजोरी को दिखाता है।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद
करेंसी मार्केट में रुपया शुरुआत में मजबूत हुआ। RBI के फैसले के बाद यह 100 बेसिस प्वाइंट से ज्यादा चढ़ा। RBI ने बैंकों के नेट ओपन फॉरेक्स पोजीशन पर 25% कैपिटल लिमिट की जगह 100 मिलियन डॉलर की एक समान सीमा लागू की है, ताकि डॉलर में सट्टेबाजी को रोका जा सके।
लेकिन यह मजबूती ज्यादा देर टिक नहीं पाई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर शेयर बाजार के कारण रुपया आखिर में 2 पैसे गिरकर डॉलर के मुकाबले 94.83 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
आने वाले समय में बाजार में कमजोरी बनी रह सकती है। कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। वैश्विक अनिश्चितता के चलते उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की संभावना है।
महावीर जयंती के चलते मंगलवार को बाजार बंद रहा। ऐसे में बुधवार के कारोबार में इस दौरान हुए वैश्विक घटनाक्रमों का असर देखने को मिल सकता है।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
टेक्निकल नजरिए से देखें तो 22,500 के अहम सपोर्ट के नीचे फिसलने के बाद निफ्टी में गिरावट आगे बढ़कर 22,000-21,900 के स्तर तक जा सकती है। HDFC Securities के नागराज शेट्टी का यही मानना है।
Centrum Finverse के निलेश जैन के मुताबिक, बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर बना हुआ है। उनका कहना है कि नीचे की तरफ 22,000 के बाद 21,700 का स्तर अहम सपोर्ट हो सकता है। ऊपर की तरफ 22,700 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि हालिया तेज गिरावट के बाद बाजार में मजबूत रिकवरी (पुलबैक) की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बुधवार को दिखेगी रिकवरी?
LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक, बुधवार से अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ 22,200 का स्तर बेहद अहम सपोर्ट रहेगा, जहां से बाजार में अच्छा उछाल आ सकता है। लेकिन अगर निफ्टी इस स्तर के नीचे चला जाता है, तो तेजी (बुलिश रिवर्सल) की उम्मीद कमजोर पड़ जाएगी।
HDFC Securities के नंदिश शाह का कहना है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी का ट्रेंड अभी भी कमजोर है, क्योंकि यह अपने प्रमुख मूविंग एवरेज और 23 मार्च के स्विंग लो (22,471) के नीचे ट्रेड कर रहा है। ऊपर की तरफ 22,800 का स्तर एक अहम रुकावट बना हुआ है, जबकि नीचे की तरफ 21,700–21,900 का जोन मजबूत सपोर्ट दे सकता है।
Disclaimer:यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।