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NSE IPO: एनएसई के आईपीओ के लिए रास्ता होगा साफ, सेबी के साथ को-लोकेशन मामले का जल्द हो सकता है सेटलमेंट

को-लोकेशन मामले में कुछ ब्रोकर्स पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने अपने सर्वर्स फिजिकल रूप से एनएसई के सर्वर्स के करीब रखे थे, जिससे उन्हें सेबी के सर्वर के डेटा का एक्सेस जल्द मिला था। इससे उन्हें दूसरे ब्रोकर्स के मुकाबले ज्यादा मुनाफा कमाने में मदद मिली थी

MoneyControl Newsअपडेटेड May 26, 2025 पर 1:14 PM
NSE IPO: एनएसई के आईपीओ के लिए रास्ता होगा साफ, सेबी के साथ को-लोकेशन मामले का जल्द हो सकता है सेटलमेंट
सेबी के सेटलमेंट से जुड़े नियमों में यह प्रावधान है कि कोई एनटिटी आरोपों को स्वीकार या खारिज किए बगैर पेनाल्टी का पेमेंट कर सकती है।

सेबी और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने को-लोकेशन मामले के सेटलमेंट के लिए बातचीत शुरू कर दी है। एनएसई के आईपीओ लाने के प्लान पर इस मामले का असर पड़ा है। इस मसले से जुड़े लोगों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि को-लोकेशन मामले के सेटलमेंट के लिए सेबी और एनएसई की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। दरअसल, सेबी ने इस मामले में सिक्योरिटीज एपेलेट ट्राइब्यूनल (एसएटी) के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। एसएटी ने इस मामले में 2019 में एनएसई पर लगाई गई पेनाल्टी कम कर दी थी।

सेबी और एनएसई में डेढ़ महीने से चल रही बातचीत

इस मसले से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, "SEBI और NSE के बीच को-लोकेशन मामले के सेटलमेंट के लिए करीब डेढ़ महीने पहले बातचीत शुरू हुई थी। अभी दोनों पक्ष समझौते की शर्तों पर विचार कर रहे हैं। इस बात पर भी बात हो रही है कि इस मामले के निपटारे के लिए एनएसई को कितनी पेनाल्टी सेबी को चुकानी पड़ेगी।" को-लोकेशन मामले में कुछ ब्रोकर्स पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने अपने सर्वर्स फिजिकल रूप से एनएसई के सर्वर्स के करीब रखे थे, जिससे उन्हें सेबी के सर्वर के डेटा का एक्सेस जल्द मिला था। इससे उन्हें दूसरे ब्रोकर्स के मुकाबले ज्यादा मुनाफा कमाने में मदद मिली थी।

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