नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने निफ्टी और चार दूसरे फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट्स के लॉट साइज में बदलाव का ऐलान किया है। ये बदलाव 20 नवंबर 2024 से लागू होंगे। एक्सचेंज ने एक सर्कुलर के जरिए बताया कि निफ्टी के लॉट साइज को अब 25 से बढ़ाकर 75 कर दिया गया है। वहीं बैंक निफ्टी का लॉट साइज 15 से बढ़ाकर 30, फिन निफ्टी का लॉट साइज 25 से बढ़ाकर 65, मिडकैप निफ्टी का लॉट साइज 50 से बढ़ाकर 120, और निफ्टी नेक्स्ट 50 का लॉट साइज 10 से बढ़ाकर 25 किया गया है।
यह बदलाव 20 नवंबर 2024 से सभी नए इंडेक्स डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स (वीकली, मंथली, क्वाटरली और हाफ-ईयरली) पर लागू होगा। NSE ने यह भी बताया कि नए कॉन्ट्रैक्ट्स की वैल्यू कम से कम 15 लाख रुपये होना चाहिए, और यह लॉट साइज इस तरह तय किया जाएगा कि कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 15 लाख से 20 लाख रुपये के बीच हो।
NSE ने आगे कहा, "मौजूदा वीकली और मंथली एक्सपायरी कॉन्ट्रैक्ट्स अपने निर्धारित लॉट साइज के साथ जारी रहेंगे, जब तक कि उनकी एक्सायरी डेट नहीं आती। वहीं क्वाटरली और हाइ-ईयरली कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए, बैंक निफ्टी के लॉट साइज को 24 दिसंबर 2024 के अंत में और निफ्टी के लॉट साइज को 26 दिसंबर 2024 के अंत में नए लॉट साइज में बदल दिया जाएगा।"
SEBI के नए F&O नियमों के तहत हुए बदलाव
इससे पहले, NSE ने यह भी बताया था कि वह SEBI के नए F&O नियमों के तहत अब सिर्फ निफ्टी 50 इंडेक्स से जुड़े वीकली डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स को जारी रखेगी। SEBI ने हाल ही में डेरिवेटिव ट्रेडिंग में आई बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। नए नियमों के तहत एक्सचेंजों को 20 नवंबर से केवल एक वीकली ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट की अनुमति दी जाएगी।
BSE ने भी इसी तर्ज पर अपने बैंकएक्स और सेंसेक्स-50 से जुड़े वीकली डेरिवेटिव्स को बंद करने की घोषणा की है। उसने कहा कि अब सिर्फ सेंसेक्स से जुड़े डेरिवेटिव्स की वीकली एक्सपायरी होगी।
SEBI की स्टडी में पाया गया था कि मार्च 2021 से मार्च 2024 तक के तीन सालों में व्यक्तिगत ट्रेडर्स ने F&O में कुल ₹1.81 लाख करोड़ का नुकसान किया है। वहीं सिर्फ 7.2% ही इसमें मुनाफा कमा पाए है। इस बदलाव का उद्देश्य डेरिवेटिव्स में छोटे निवेशकों की जोखिम वाली गतिविधियों पर नियंत्रण रखना है।