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Nykaa’s bonus issue| बोनस इश्यू रिटेल इनवेस्टर्स के साथ धोखे जैसा: फ्रॉड इनवेस्टिगेशन एक्सपर्ट

कॉर्पोरेट फ्रॉड इनवेस्टिगेशन एक्सपर्ट विद्या राजाराव का दावा है कि यह बोनस इश्यू रिटेल इनवेस्टर्स के साथ धोखा है। उन्होंने उन लोगों पर सवाल उठाए हैं, जो रिटेल इनवेस्टर्स के हितों की सुरक्षा करने में नाकाम रहे

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 19, 2022 पर 3:42 PM
Nykaa’s bonus issue| बोनस इश्यू रिटेल इनवेस्टर्स के साथ धोखे जैसा: फ्रॉड इनवेस्टिगेशन एक्सपर्ट
राजाराव ने कहा कि नायका के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स खासकर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स को इस इश्यू को लेकर चेतावनी देनी चाहिए थी।

Nykaa’s bonus issue: नायका के बोनस इश्यू से कंपनी में कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) सवालों के घेरे में आ गया है। कंपनी ने हाल में 5:1 के अनुपात में बोनस इश्यू (Nykaa bonus issue) का ऐलान किया है। कॉर्पोरेट फ्रॉड इनवेस्टिगेशन एक्सपर्ट विद्या राजाराव का दावा है कि यह बोनस इश्यू रिटेल इनवेस्टर्स के साथ धोखा है। उन्होंने उन लोगों पर सवाल उठाए हैं, जो रिटेल इनवेस्टर्स के हितों की सुरक्षा करने में नाकाम रहे। उनका यह भी कहना है कि यह एक बड़ी समस्या का संकेत है।

उन्होंने कहा कि बोनस इश्यू के ऐलान का मकसद और टाइमिंग दोनों को लेकर सवाल पैदा होते हैं। आईपीओ के बाद से कंपनी के बिजनेस में किसी तरह के इम्प्रूवमेंट बगैर बोनस इश्यू का ऐलान कर दिया गया। इसका मकसद सिर्फ कंपनी के शेयरों में संभावित गिरावट को रोकना था। प्री-आईपीओ इनवेस्टमेंट वाले इनवेस्टर्स के लिए लॉक-इन पीरियड 10 नवंबर को खत्म हो गया। माना जा रहा था कि इसके बाद इनवेस्टर्स कंपनी के शेयरों में बिकवाली करेंगे, जिससे इसकी कीमतें काफी नीचे आ सकती हैं। जोमैटो के मामले में ऐसा देखा गया था।

लॉक-इन पीरियड खत्म होने के बाद पीई फंडों, हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल्स और दूसरे इनवेस्टर्स ने जोमैटो के शेयर बेचने शुरू कर दिए थे, जिससे इसकी कीमतों में तेज गिरावट आई थी। नायका के प्रमोटरों ने कंपनी के शेयरों में संभावित गिरावट को रोकने के लिए बोनस शेयर इश्यू का दांव चला।

इस तरह के कदमों (बोनस शेयर इश्यू) के बारे में मार्केट रेगुलेटर के रुख के बारे में पूछने पर राजाराव ने कहा कि SEBI इस तरह के मामलों की अनदेखी करता है। वह सूचीबद्ध कंपनियों में कार्पोरेट गवर्नेंस के पालन पर उस तरह से नजर नहीं रख पाया है, जैसा उसे रखना चाहिए। सेबी के डायरेक्टर्स रिटेल इनवेस्टर्स के हितों की सुरक्षा करने को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन उन्होंने जोमैटो के मामले में कुछ नहीं किया। अगर सेबी या एक्सचेंजो की अथाॉरिटी ने जोमैटो के को-फाउंडर की Spouse(पति/पत्नी) को ब्लिंकट को खरीदने से रोक दिया होता तो नायका में कॉर्पोरेट गवर्नेंस के इस अनैतिक प्रैक्टिसेज को रोका जा सकता था।

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