Nifty मार्च 2027 तक 31000 पर पहुंच सकता है, बैंकिंग और पावर सेक्टर में निवेश का मौका

ग्लोबल इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म ओमनीसाइंस कैपिटल का कहना है कि अच्छी अर्निंग्स ग्रोथ और वैल्यूएशन की री-रेटिंग से निफ्टी अगले साल मार्च तक 28000-31000 तक जा सकता है। उसने बैंकिंग और पावर सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रहने का अनुमान जताया है

अपडेटेड Apr 22, 2026 पर 6:29 PM
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बैंकों की बैलेंसशीट बीते एक दशक में सबसे स्ट्रॉन्ग है। ग्रॉस एनपीए 2.5 फीसदी से कम है।

निफ्टी अगले साल मार्च तक 28,000-31,000 तक जा सकता है। ओमनीसाइंस कैपिटल ने यह अनुमान जताया है। यह एक ग्लोबल इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म है। उसने कहा है कि अच्छी अर्निंग्स ग्रोथ और वैल्यूएशन की री-रेटिंग से निफ्टी अगले साल मार्च तक इस लेवल तक जा सकता है। ओमनीसाइंस कैपिटल का कहना है कि वैल्यूएशन लंबी अवधि के औसत के करीब होने के बावजूद अभी मार्केट की वैल्यूएशन कम है।

मौजूदा लेवल से बाजार 15-25 फीसदी चढ़ सकता है

ओमनीसाइंस कैपिटल का यह अनुमान अच्छी लिक्विडिटी और बेहतर फंडामेंटल्स पर आधारित है। FY27 की प्रति शेयर अर्निंग्स 1,280-1,320 रुपये रहने का अनुमान है। तब निफ्टी में फॉरवर्ड अर्निंग्स के 22 से 24 गुना पर ट्रेडिंग होगी। इसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से बाजार अगले साल तक 15 से 25 फीसदी चढ़ सकता है। यह हिस्टोरिकल रिटर्न बैंड के मुताबिक है।


बाजार की वैल्यूएशंस लंबे अवधि के औसत के करीब

ओमनीसाइंस कैपिटल के सीईओ और चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट विकास वी गुप्ता ने कहा, "अर्निंग्स ग्रोथ सामान्य रहने पर भी लंबी अवधि के उन निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है, जो उतार-चढ़ाव बर्दाश्त कर सकते हैं।" ओमनीसाइंस ने बाजार की मौजूदा वैल्यूएशंस को मिडिल जोन में रखा है। उसने पी/ई 20 गुना और प्राइस-टू-बुक 3 गुना रखा है। यह लंबी अवधि के औसत के करीब है, लेकिन पिछली साइकिल के पीक से कम है।

बाजार पर अर्निंग्स ग्रोथ का ज्यादा असर

हिस्टोरिकल रिटर्न की ओमनीसाइंस की एनालिसिस से पता चलता है कि वैल्यूएशन मायने रखती है, लेकिन इसका असर धीरे-धीरे कम हो जाता है। शॉर्ट टर्म में रिटर्न पर एंट्री मल्टीपल्स का काफी असर पड़ता है, लेकिन पांच साल के पीरियड में ज्यादा वैल्यूएशन की स्थिति में भी अर्निंग्स कंपाउंडिंग का ज्यादा असर पड़ता है। इसलिए मसला ज्यादा वैल्यूएशन का नहीं है बल्कि इस बात का है कि अर्निंग्स ग्रोथ जारी रहती है या नहीं।

बैंकों का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है

ग्लोबल इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म को बैंकों का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। इसकी कई वजहें हैं। बैंकों की बैलेंसशीट बीते एक दशक में सबसे स्ट्रॉन्ग है। ग्रॉस एनपीए 2.5 फीसदी से कम है। कैपिटल एडक्वेसी करीब 17 फीसदी है। प्रोविजन कवरेज करीब 77 फीसदी है। इससे इक्विटी डायल्यूशन के बगैर बैंकों के पास करीब 94 लाख करो़ड़ रुपये के इंक्रिमेंटल क्रेडिट की गुंजाइश है। इससे बैंक मौजूदा पूंजीगत खर्च साइकिल का फायदा उठा सकते हैं।

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पावर सेक्टर में दिख रहे निवेश के मौके

ओमनीसाइंस को पावर सेक्टर में भी लंबी अवधि के मौके दिख रहे हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, इसके स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन में 65-70 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। ईवी और डेटा सेंटर्स की वजह से इलेक्ट्रिसिटी की डिमांड बढ़ रही है। इससे पावर सेक्टर की तस्वीर बेहतर दिखती है। आईटी को लेकर ओमनीसाइंस का रुख सावधानी भरा है। वैल्यूएशन में कमी आने के बावजूद एआई के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से आईटी सेक्टर के लिए अनिश्चितता बनी हुई है।

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