Parle vs Parle: पीएम मोदी ने गिफ्ट की पारले की Melody टॉफी, मगर फायदा किसी और कंपनी को हो गया; जानिए कैसे
पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी क्या गिफ्ट की, शेयर बाजार में एक अलग ही कंपनी के शेयर दौड़ पड़े। दिलचस्प बात यह है कि जिस कंपनी के शेयरों में तेजी आई, उसका Melody बनाने वाली कंपनी से कोई संबंध ही नहीं है। समझिए पूरा मामला।
Parle Industries का Melody टॉफी या Parle Products से कोई संबंध नहीं है।
Parle vs Parle: पारले इंडस्ट्रीज (Parle Industries) के शेयरों में बुधवार को अचानक जोरदार तेजी देखने को मिली। यह स्टॉक अपर सर्किट तक पहुंच गया। इसकी वजह सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो बना। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली दौरे के दौरान जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी गिफ्ट करते नजर आए।
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर 'Melodi' मीम फिर ट्रेंड करने लगा। इसका असर शेयर बाजार तक पहुंच गया और निवेशकों ने Parle Industries के शेयरों में खरीदारी शुरू कर दी। यह स्टॉक 5% के अपर सर्किट के साथ 5.25 रुपये पर पहुंच गया। जबकि पिछले एक साल में यह स्टॉक करीब 68% टूटा है।
लेकिन असली बात क्या है?
दिलचस्प बात यह है कि Parle Industries का Melody टॉफी या Parle Products से कोई संबंध नहीं है। यानी जिस कंपनी का शेयर बाजार में शेयर तेजी से भागा, उसका Melody कैंडी बनाने वाली कंपनी से कोई सीधा लेना-देना नहीं है। सिर्फ नाम मिलता-जुलता होने की वजह से बाजार में चर्चा तेज हो गई।
Melody आखिर किसकी टॉफी है?
Melody असल में Parle Products का ब्रांड है। यह कंपनी कई मशहूर बिस्कुट और टॉफी बनाती हैं।
Parle-G
Melody
Monaco
KrackJack
Hide & Seek
Parle Products एक प्राइवेट कंपनी है और फिलहाल शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
Parle Industries क्या काम करती है?
Parle Industries की शुरुआत 1983 में Express Bottlers Services Pvt Ltd के नाम से हुई थी। बाद में इसका नाम बदलकर Parle Software Ltd किया गया।
कंपनी को शुरुआत में Parle-Bisleri ग्रुप ने प्रमोट किया था, लेकिन अब यह स्वतंत्र रूप से काम करती है। फिलहाल इसका कारोबार इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और पेपर वेस्ट रीसाइक्लिंग जैसे सेक्टर्स में फैला हुआ है।
Melody कैसे बनी सुपरहिट
1980 के दशक में भारत में टॉफी और कैंडी का बाजार तेजी से बदल रहा था। उस दौर में चॉकलेट फिलिंग वाली टॉफियां लोगों को काफी पसंद आने लगी थीं। बाजार में पहले से कुछ बड़े ब्रांड मौजूद थे, जैसे कि कैडबरी की 'एक्लेयर्स'। ऐसे में नई टॉफी के लिए अलग पहचान बनाना आसान नहीं था।
उसी समय Parle Products ने Melody को बाजार में उतारा। टॉफी का स्वाद लोगों को पसंद आया, लेकिन असली कमाल उसके विज्ञापन ने किया। कंपनी चाहती थी कि लोग सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि Melody के नाम और उसकी खासियत को भी याद रखें। इसलिए ऐड बना 'Melody इतनी चॉकलेटी क्यों है?' बाद में 'Melody खाओ, खुद जान जाओ' जैसी लाइन और उसका जिंगल भी काफी लोकप्रिय हुआ।
वीडियो में क्या हुआ था?
वायरल वीडियो में Giorgia Meloni कहती नजर आईं, 'प्रधानमंत्री मोदी अपने साथ तोहफे में बहुत-बहुत अच्छी टॉफी लाए हैं।' इसके जवाब में पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'मेलोडी.'
इसके बाद सोशल मीडिया पर 'Melodi' मीम की बाढ़ आ गई। यह मीम Modi और Meloni के नाम जोड़कर बनाया गया था और पहले भी काफी वायरल हो चुका है।
Parle Products ने क्या कहा?
Parle Products के वाइस प्रेसिडेंट मयंक शाह ने CNBC-TV18 से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का Melody गिफ्ट करना भारतीय प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मंच पर पहुंचाने का 'अच्छा तरीका' है।
उन्होंने कहा कि कंपनी प्रधानमंत्री मोदी की आभारी है और Melody पहले से ही 100 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट की जाती है।
IPO को लेकर क्या कहा?
मयंक शाह ने यह भी साफ किया कि फिलहाल Parle Products की शेयर बाजार में लिस्ट होने की कोई योजना नहीं है और कंपनी अभी प्राइवेट ही रहना चाहती है।
उन्होंने कहा कि इस वायरल मोमेंट की वजह से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में Parle Products की बिक्री को फायदा मिल सकता है।