Market Outlook : सुबह की भारी गिरावट से उबरते हुए बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 21 मई को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market Outlook : ऑयल एंड गैस,पावर,एनर्जी और ऑटो शेयरों ने बढ़त में अगुवाई की। जबकि FMCG,IT और मीडिया इंडेक्स पीछे रहे। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई
Market cues : कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान की राय है कि शॉर्ट-टर्म मार्केट का ट्रेंड अभी कोई खास दिशा नहीं दिखा रहा है और यह स्थिति आने वाले समय में भी बनी रह सकती है
Market Outlook : बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी ने सुबह की भारी गिरावट से उबरते हुए बढ़त के साथ कारोबार बंद किया। इस तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज,एनर्जी,ऑटो और कैपिटल गुड्स शेयरों में हुई मज़बूत बढ़त का सहारा मिला। बाजार बंद होने पर,सेंसेक्स 117.54 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 75,318.39 पर और निफ्टी 41 अंक या 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,659.00 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ मिला-जुला रहा जिसमें 1,920 शेयरों में गिरावट के मुकाबले 2,008 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो ऑयल एंड गैस,पावर,एनर्जी और ऑटो शेयरों ने बढ़त में अगुवाई की। जबकि FMCG,IT और मीडिया इंडेक्स पीछे रहे। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़त हुई। जबकि वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई,जो बाजार बंद होते-होते उतार-चढ़ाव में कमी आने का संकेत है।
बुधवार को बेंचमार्क इंडेक्स को रिलायंस इंडस्ट्रीज से सबसे बड़ा सपोर्ट मिला। इसमें 2.8 प्रतिशत की तेजी आई और इसने निफ्टी की बढ़त में 41.5 अंकों का योगदान दिया। हिंडाल्को,बजाज ऑटो,M&M और बजाज फिनसर्व भी बढ़त में योगदान देने वाली शीर्ष कंपनियों में शामिल रहे।
बुधवार को एनर्जी से जुड़े सेक्टरों ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.59 प्रतिशत चढ़ा,जबकि निफ्टी एनर्जी में 1.48 प्रतिशत की बढ़त हुई। BSE पावर इंडेक्स में भी 1.78 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेक्टोरल इंडेक्स में से एक बनकर उभरा।
पूरे सत्र के दौरान ऑटो स्टॉक्स मजबूती से ऊपर बने रहे। निफ्टी ऑटो में 0.84 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि बजाज ऑटो 2.52 प्रतिशत उछला। M&M में भी करीब 1 प्रतिशत की तेजी आई।
ब्रॉडर मार्केट में सुधार के बावजूद, डिफेंसिव कंजम्पशन और मीडिया स्टॉक्स का प्रदर्शन कमजोर रहा। निफ्टी मीडिया 1.45 प्रतिशत गिरा,जबकि निफ्टी FMCG में 0.71 प्रतिशत की गिरावट आई और निफ्टी IT 0.42 प्रतिशत नीचे फिसल गया।
बुधवार को ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.49 प्रतिशत बढ़ा,जबकि BSE मिडकैप के टॉप गेनरों में टाटा कम्युनिकेशंस 7.61 प्रतिशत और GE Vernova T&D 7 प्रतिशत से अधिक भागा।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स निफ्टी पर सबसे बड़ा लूजर बनकर उभरा। इसमें 2.28 प्रतिशत की गिरावट आई। Eternal, HDFC Bank और ICICI Bank ने भी बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव डाला। कमजोर ग्लोबल संकेतों और भू-राजनीतिक चिंताओं के बीच,बुधवार को भारी गिरावट के साथ खुलने के बाद बेंचमार्क सूचकांकों में दिन के कारोबार के दौरान जबरदस्त वापसी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दिन के निचले स्तरों से 1 प्रतिशत से ज्यादा की रिकवरी करते हुए,बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि बाजार दिन के निचले स्तरों से उबर कर बंद हुए। ऑटो,फ़ाइनेंशियल और तेल व गैस जैसे सेक्टर के लार्ज-कैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी से सपोर्ट मिला। ऑटो और फ़ाइनेंशियल शेयरों में Q4 के अच्छे नतीजों चलते बढ़त देखने को मिली,जबकि हाल ही में ईंधन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने OMCs और रिफ़ाइनरों के लिए बाजार के रुख को मज़बूत किया। हालिया गिरावट के बाद रियल्टी शेयरों में भी 'वैल्यू बाइंग'देखने को मिली।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार अब ब्याज दरों के रुख का अंदाजा लगाने के लिए US Fed की अप्रैल पॉलिसी के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं। कुल मिलाकर,मार्केट का बड़ा ट्रेंड एक दायरे में सीमित है और इसमें निगेटिव रुझान बना हुआ है। ऐसे में सेक्टर और स्टॉक स्पेसिफिक नजरिए के हावी रहने की संभावना है।
कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान की राय है कि शॉर्ट-टर्म मार्केट का ट्रेंड अभी कोई खास दिशा नहीं दिखा रहा है और यह स्थिति आने वाले समय में भी बनी रह सकती है। चौहान का मानना है कि Nifty के लिए 24,500 और 24,400 का लेवल तत्काल सपोर्ट जोन का काम करेगा,जबकि 23,800-23,850 का लेवल अहम रेजिस्टेंस एरिया हो सकता है।
चौहान ने आगे कहा कि ऊपरी तरफ 23,850 का लेवल पार करने के बाद निफ्टी 23,950-24,000 तक जा सकता है। वहीं,अगर निफ्टी 23,400 का लेवल बनाए रखने में नाकाम रहता है तो यह गिरकर 23,250-23,200 तक पहुंच सकता है। चूंकि इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड अभी कोई साफ दिशा नहीं दिखा रहा है,इसलिए डे ट्रेडर्स के लिए लेवल बेस्ड ट्रेडिंग ही सबसे अच्छी रणनीति होगी।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,500-23,450 के दायरे में है। इस दायरे से नीचे कोई भी टिकाऊ गिरावट निफ्टी की कमजोरी को 23,300 तक और उसके बाद नियर टर्म में 23,150 तक बढ़ा सकती है। दूसरी ओर निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 23,800-23,850 के दायरे में है जो 20-दिन के EMA के साथ मेल खाता है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।