City Gas Distribution Stocks : PNG इन्सेंटिव स्कीम की मंजूरी से सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन शेयरों में जोश देखने को मिल रहा है। आज अदाणी गैस,IGL और महानगर गैस जैसे शेयरों में 3-5 फीसदी तक की तेजी आई है। NSE पर IGL के शेयरों में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी हुई और यह 4.30% तक चढ़ गया। वहीं,MGL के शेयर में 3.74% की तेजी आई। अदाणी टोटल गैस के शेयरों में भी 2.36 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।
नई PNG इंसेंटिव स्कीम 1 सितंबर से लागू होगी। इस स्कीम के तहत नए घरेलू PNG कनेक्शन पर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों(CGDs )को इंसेंटिव मिलेगा। कंपनियों को इंसेंटिव के तौर पर सस्ती APM गैस मिलेगी। नए कनेक्शन पर 200 SCM अतिरिक्त APM गैस मिलेगी। यह स्कीम 6 महीने की अवधि में 2 चरणों में लागू होगी। PNG कनेक्शन पर CGDs का पेबैक पीरियड घटेगा। पेबैक पीरियड 10 साल से घटाकर 3 साल हो सकता है। केंद्र का राज्यों से नेचुरल गैस पर VAT 5% लाने पर जोर है। PNG को सस्ता बनाने के लिए राज्यों से यह कहा गया है कि वे नेचुरल गैस पर लगने वाले VAT को घटाकर 5% कर दें। सरकार ने बताया कि कई राज्यों ने पहले ही नेचुरल गैस पर VAT कम कर दिया है।
सरकार ने घरों में PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए यह इंसेंटिव स्कीम शुरू की है। इसका मकसद पूरे भारत में ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक खाना पकाने के लिए साफ और सस्ता ईंधन पहुंचाना है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) इंपोर्टर है। देश में मिडिल ईस्ट में चल रही जंग की वजह से पैदा हुए कुकिंग गैस संकट को देखते हुए गैस के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की कमियों को दूर करने और पाइप वाली गैस की ओर तेज़ी से बढ़ने के लिए कोशिशें तेज हो गई हैं, जिससे कि LPG इंपोर्ट और सब्सिडी पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके।
सितंबर से लागू होने वाली इस इंसेंटिव स्कीम के तहत,शहरों में गैस बांटने वाली कंपनियों को हर उस घर के लिए 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर अतिरिक्त सस्ती और घरेलू स्तर पर बनी गैस मिलेगी,जिसे वे पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) से जोड़ेंगी और जो इसका इस्तेमाल करके इसके लिए पेमेंट करना शुरू करेगा।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि यह योजना शहर में गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को बेकार पड़े पाइप कनेक्शन को चालू करने और भुगतान करने वाले ग्राहकों में बदलने और नए घरों तक पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
सरकार ने कहा कि इस अतिरिक्त गैस से गैस खरीदने की कुल लागत कम होगी। साथ ही,इससे डिस्ट्रीब्यूटर्स को नए कनेक्शन पर किए गए निवेश को जल्दी वसूलने में मदद मिलने की भी उम्मीद है। इसमें अब लगभग तीन साल लगेंगे,जबकि अभी इसमें करीब 10 साल लगते हैं।
गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में लड़ाई शुरू होने के बाद से इंद्रप्रस्थ गैस,महानगर गैस,गेल (GAIL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्प जैसी सप्लायर कंपनियों ने पाइप वाली गैस कनेक्शन के इंस्टॉलेशन चार्ज में कटौती जैसे इंसेंटिव दिए हैं।
सरकार ने मंगलवार को बताया कि भारत में अभी लगभग 1.74 करोड़ घरेलू PNG कनेक्शन हैं। इसकी तुलना में,1 जुलाई तक लगभग 33.14 करोड़ एक्टिव घरेलू LPG ग्राहक थे।
भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग 60% हिस्सा आयात से पूरी करता है। 2025 में लगभग 22 मिलियन मीट्रिक टन LPG का आयात किया गया। इसमें से अधिकांश आयात मिडिल ईस्ट से हुआ। इसके लिए लगभग 12 अरब डॉलर खर्च किए गए।
सरकार का कहना है कि उसके इस कदम से होने वाली बचत घरेलू PNG कनेक्शन पर किए गए कैपिटल खर्च की भरपाई की अवधि (पेबैक पीरियड) को लगभग 10 साल से घटाकर करीब तीन साल कर सकती है। इस कदम से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को घरों में PNG कनेक्शन के विस्तार में तेजी लाने के लिए मजबूत वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा।