बैंक निफ्टी में 23 अप्रैल को लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। विदेशी फंडों की लगातार बिकवाली का असर फाइनेंशियल स्टॉक्स पर पड़ा। भारतीय शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट में विदेशी फंडों की बिकवाली का बड़ा हाथ है। विदेशी फंडों ने अप्रैल में अब तक भारतीय बाजार में 4.3 अरब डॉलर (40,420 करोड़ रुपये) की बिकवाली की है। 2026 में विदेशी फंडों ने अब तक 18.5 अरब डॉलर (1,73,900 करोड़ रुपये) की बिकवाली की है।
विदेशी फंडों की बिकवाली से बैंकिंग शेयर दबाव में
22 अप्रैल को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) दोनों ने बिकवाली की। ऐसा बहुत कम होता है। पिछले काफी समय से विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। लेकिन, इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बड़ी खरीदारी कर बाजार को गिरने नहीं दिया है। माना जा रहा है कि एफआईआई और डीआईआई की 22 अप्रैल की बिकवाली की वजह प्रॉफिट बुकिंग रही।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का शेयर 7% फिसला
दोपहर बाद बैंक निफ्टी इंडेक्स 1.42 फीसदी गिरकर 56,300 पर चल रहा था। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक सहित कई सरकारी बैंकों के शेयरों में गिरावट दिखी। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का शेयर 7.40 फीसदी गिरकर 179 रुपये पर चल रहा था। बैंक के नतीजों का असर उसके शेयरों पर दिखा। मार्च तिमाही में बैंक का प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 6 फीसदी बढ़ा। लेकिन, प्रोविजनिंग तिमाही दर तिमाही 227 फीसदी बढ़कर 1,055 करोड़ रुपये रहा।
क्रूड में उछाल का बाजार के सेंटिमेंट पर असर
बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर 2.34 फीसदी गिरकर 276 रुपये चल रहा था। Canara Bank का शेयर 3.06 फीसदी गिरकर 140 रुपये पर चल रहा था। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से रुपये में कमजोरी बढ़ी है। डॉलर के मुकाबले रुपया 94 के पार निकल गया। यह बीते करीब तीन हफ्तों में रुपये का सबसे कमजोर लेवल है। रुपये में कमजोरी का असर बाजार के सेंटिमेंट पर पड़ा है। उधर, अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
बाजार बंद होने से ठीक पहले बढ़ी गिरावट
23 अप्रैल को शेयर बाजार बंद होने से ठीक पहले बिकवाली दबाव बढ़ गया। इससे सेंसेक्स 1.13 फीसदी यानी 888 अंक गिरकर 77,624 पर आ गया। निफ्टी 0.90 फीसदी यानी 221 अंक फिसलकर 24,156 पर आ गया। बैंक निफ्टी में भी 1.5 फीसदी यानी 856 अंक की गिरावट देखने को मिली। मिडकैप शेयरों में भी काफी दबाव रहा।