Godrej Industries share: गोदरेज इंडस्ट्रीज का शेयर 23 अप्रैल को रॉकेट बन गया। सुबह में यह शेयर मजबूत खुला। एक समय शेयर 10 फीसदी तक चढ़ गया। हालांकि, बाद में तेजी थोड़ी कम हो गई। 12 बजे यह शेयर 5.13 फीसदी की तेजी के साथ 991 रुपये पर चल रहा था। इस शेयर में तब जबर्दस्त तेजी दिख रही है, जब शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स में बड़ी गिरावट है।
गोदरेज ग्रुप 5 सालों में 7000 करोड़ निवेश करेगा
गोदरेज इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी की बड़ी वजह 22 अप्रैल को बड़ा ऐलान है। गोदरेज समूह ने कहा है कि उसने अगले पांच सालों यानी 2031 तक ग्रुप के मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिए 5 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय किया है। यह समूह अपने अनलिस्टेड बिजनेस में अगले पांच सालों में 5,000-7,000 करोड़ रुपये निवेश करेगा। ग्रुप के इस ऐलान से गोदरेज इंडस्ट्रीज के शेयरों में 23 अप्रैल को उछाल आया।
इस समहू की 4 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्टेड हैं
गोदरेज समूह के कुल छह बिजनेसेज हैं। इनमें Godrej Propereties, Godrej Consumer, Godrej Agrovet और गोदरेज इंडस्ट्रीज शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। गोदरेज वेंचर्स एंड इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, गोदरेज कैपिटल और गोदरेज इंडस्ट्रीज (केमिकल) शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं। कंपनी अपनी अनलिस्टेड कंपनियों में नया निवेश करेगी। गोदरेज ग्रुप का अगले पांच सालों में गोदरेज कैपिटल और गोदरेज केमिकल्स को शेयर बाजार में लिस्ट कराने का भी प्लान है।
समूह का दो कंपनियों को लिस्ट कराने का प्लान
गोदरेज इंडस्ट्रीज ने कहा है कि गोदरेज समूह की लिस्टेड कंपनियों को गोदरेज इंडस्ट्रीज से पैसे लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गोदरेज प्रॉपर्टीज के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन पिरोजशा गोदरेज ने समूह की कंपनियों के लिए बड़े टारगेट्स तय किए हैं। वह गोदरेज ग्रुप के चेयरमैन आदि गोदरेज के बेटे हैं। गोदरेज कैपिटल ने 1 लाख करोड़ रुपये के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का टारगेट तय किया है। अभी कंपनी का एयूएम 27,000 करोड़ रुपये है। गोदरेज प्रॉपर्टीज ने FY28 तक 10 फीसदी मार्केट शेयर हासिल करने का टारगेट रखा है।
23 अप्रैल को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
23 अप्रैल को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। निफ्टी 180 अंक यानी 0.74 फीसदी गिरकर 24,192 अंक पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.96 फीसदी यानी 756 अंक की गिरावट के साथ 77,760 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 1.13 फीसदी यानी 644 अंक की गिरावट आई। 22 अप्रैल को भी बाजार में गिरावट आई थी। इसके साथ ही बाजार में तीन दिन की तेजी पर ब्रेक लग गया था। गिरावट की वजह अमेरिका और ईरान के बीच बना गतिरोध है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर बढ़ा दिया है। लेकिन, अभी दोनों पक्षों के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।