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PSU Stocks: सरकारी कंपनियों ने की जोरदार वापसी, 14% तक उछल गए शेयर, चुनाव नतीजों के बाद आई थी भारी गिरावट

PSU Stocks: लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद पिछले 2 दिन में जिन शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई थी, उनमें सरकारी कंपनियों के शेयर यानी पीएसयू स्टॉक्स सबसे ऊपर थे। हालांकि आज 6 जून को इन पीएसयू कंपनियों के शेयरों ने जोरदार वापसी की है और शुरुआती कारोबार में इनके शेयर 4 से 14 प्रतिशत तक बढ़ गए। दरअसल सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता कम होने से इन शेयरों को लेकर माहौल बेहतर हुआ है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jun 06, 2024 पर 1:30 PM
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PSU Stocks: लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद पिछले 2 दिन में जिन शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई थी, उनमें सरकारी कंपनियों के शेयर यानी पीएसयू स्टॉक्स सबसे ऊपर थे। हालांकि आज 6 जून को इन पीएसयू कंपनियों के शेयरों ने जोरदार वापसी की है और शुरुआती कारोबार में इनके शेयर 4 से 14 प्रतिशत तक बढ़ गए। दरअसल सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता कम होने और बीजेपी के तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ होता देखकर इन शेयरों को लेकर माहौल बेहतर हुआ है। बाजार का मानना है कि नरेंद्र मोदी के पीएम बनने और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के पहले की तरह ही जारी रहने से सरकारी कंपनियों को काफी लाभ मिल सकता है।

इससे पहले लोकसभा चुनाव नतीजों के दिन बीजेपी को बहुमत से दूर होता देखकर निवेशक घबरा गए थे और उन्होंने सरकारी कंपनियों के शेयर में जमकर बिकवाली की थी। कई शेयर तो 25% से भी ज्यादा लुढ़क गए थे। अधितकर पीएसयू शेयरों ने पिछले 2 दिनों से लगातार अपने लोअर सर्किट सीमा को छुआ था।

हालांकि बीजेपी को इस बार सरकार बनाने के लिए अपने गठबंधन के सहयोगियों पर निर्भर होना पड़ा है। फिर भी कई ब्रोकरेज फर्मों का मानना ​​है कि नई मोदी सरकार अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान या नीतिगत उपायों को पहले की तरह ही जारी रखेगी।

ब्रोकरेज फर्म CLSA ने एक नोट में लिखा कि मीडिया रिपोर्टों से पता चल रहा है कि मोदी सरकार अपने 100 दिन के कार्यकाल को लेकर एक महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार कर रही है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस सेक्टर में बड़े पैमाने पर ऑर्डर के साथ काम शुरू करेगी, जो संकेत देता है कि मोदी 3.0 के तहत भी कैपिटल एक्सपेंडिचर पर जोर जारी रहेगा।

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