क्वालिटी शेयरों में रिटर्न बनने की संभावना ज्यादा, EMS स्पेस में चैलेंज ज्यादा नहीं: नवीन कुलकर्णी

EMS स्पेस पर बात करते हुए नवीन कुलकर्णी ने कहा कि इस स्पेस में चैलेंज ज्यादा नहीं है। इस स्पेस में वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं जरुर बनी हुई है। सही वैल्यू पर इस स्पेस में निवेश किया जा सकता है।

अपडेटेड Aug 09, 2025 पर 10:29 AM
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नवीन कुलकर्णी ने इस बातचीत में आगे कहा कि BSFI सेक्टर में Q1 नतीजों में बहुत अच्छे नहीं रहें। BSFI सेक्टर में थोड़ा चैलेंज रहेगे जिसके चलते इसमें आगे ग्रोथ को लेकर संभावनाएं दिखाई देगी।

बाजार की आगे की रणनीति पर बात करते हुए AXIS SECURITIES के CIO नवीन कुलकर्णी का कहना है कि ग्रोथ को लेकर चैलेंज दिख रहा है। हालांकि बाजार में आए करेक्शन के चलते वैल्यू काफी इर्मज होता नजर आया। स्मॉलकैप और मिडकैप में काफी गहरा करेक्शन आया है। Q2 के नतीजे भी Q1 की तुलना में बहुत ज्यादा बेहतर होते नहीं लग रहे है, लेकिन Q3 नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है। जिसके चलते वैल्यू मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा दिख रही है। लिहाजा निवेशकों को सलाह होगी कि वह क्वालिटी शेयरों में निवेश करें आगे क्वालिटी शेयरों में रिटर्न बनने की संभावना ज्यादा होगी।

कैपिटल गुड्स चुनौतियां बनी

नवीन कुलकर्णी ने इस बातचीत में आगे कहा कि BSFI सेक्टर में Q1 नतीजों में बहुत अच्छे नहीं रहें। BSFI सेक्टर में थोड़ा चैलेंज रहेगे जिसके चलते इसमें आगे ग्रोथ को लेकर संभावनाएं दिखाई देगी। वहीं कैपिटल गुड्स में भी चुनौतियां बनी हुई है।


EMS स्पेस में चैलेंज ज्यादा नहीं

EMS स्पेस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस स्पेस में चैलेंज ज्यादा नहीं है। इस स्पेस में वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं जरुर बनी हुई है। सही वैल्यू पर इस स्पेस में निवेश किया जा सकता है।

आईटी सेक्टर में चुनौतियां बनी हुई

आईटी सेक्टर पर बात करते हुए नवीन कुलकर्णी ने कहा कि आईटी सेक्टर में कुछ चुनिंदा शेयरों को छोड़ दें तो लो ग्रोथ ट्रेजेक्टरी में फंसा हुआ है और वह वहां से बाहर नहीं आ पा रहा है। उसी के कारण क्वालिटी ऑफ कंपनीज काफी हाई है। चैलेंज यहीं है कि आईटी स्टॉक रीरेट नहीं हो पा रहे और ओवरऑल सेक्टर का वैल्यूएशन बहुत ज्यादा चेंज नहीं है। सेक्टर में ग्रोथ की रफ्तार काफी सुस्त है। उस हिसाब से देखा जाए तो सेक्टर में ट्रेडिंग करना चाहते है तो गिरावट में खरीदारी (Buy On Dips ) की जा सकती है। हालांकि ओवरऑल सेक्टर में चुनौतियां बनी हुई है।

 

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