Vande Bharat Trains की बोली से उछल गए शेयर, Railway Stocks में 15% तक की तेजी, आपके पोर्टफोलियो में कौन-सा है?

Railway Stocks: वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Trains) बनाने के लिए बोली लगने के बाद रेलवे से जुड़े शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है। वंदे भारत की 200 ट्रेनों को बनाने के टेंडर में जिन तीन कंपनियों ने सबसे कम बोली लगाई, उनके स्टॉक्स आज 15% तक चढ़ गए। चेक करें कि इनमें से आपके पोर्टफोलियो में कौन-सा है और आगे क्या रुझान है

अपडेटेड Mar 02, 2023 पर 2:58 PM
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सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 तक 400 वंदे भारत ट्रेनों को तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा इन्हें 2026 तक दक्षिण अफ्रीका और कुछ यूरोपीय देशों तो निर्यात करने का भी लक्ष्य रखा है।

Railway Stocks: वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Trains) बनाने के लिए बोली लगने के बाद रेलवे से जुड़े शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है। वंदे भारत की 200 ट्रेनों को बनाने के टेंडर में रेल विकास निगम (Rail Vikas Nigam), टीटागढ़ वैगन्स (Titagarh Wagons) और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने सबसे कम बोली लगाई है। इसके बाद तो रेल विकास निगम के शेयर बीएसई पर 15 फीसदी उछलकर 67.50 रुपये (RNVL Share Price), टीटागढ़ वैगन्स 10 फीसदी चढ़कर 234.40 रुपये (Titagarh Wagons Share Price) और भेल 4 फीसदी मजबूत होकर 75.73 रुपये (BHEL Share Price) पर पहुंच गया।

Vande Bharat Trains के लिए कितनी लगाई बोली

रेल विकास निगम और रुस के CJSC Transmashholding के कंसोर्टियम ने सबसे कम बोली पेश की। इस कंसोर्टियम ने 35 साल के लिए 200 वंदे भारत ट्रेनों को बनाने और मेंटेनेंस के लिए प्रति ट्रेन 120 करोड़ रुपये की बोली दाखिल की। वहीं भेल और टीटागढ़ वैगन्स ने प्रति ट्रेन 139.8 करोड़ रुपये की बोली पेश की। बिड की शर्तों के मुताबिक सबसे कम बोली लगाने वाले को 120 वंदे भारत ट्रेन को बनाने, सप्लाई और मेंटेनेंस का कांट्रैक्ट मिलेगा। इन्हें इंडियन रेलवे के लातूर फैसिलिटी में बनाया जाएगा। वहीं दूसरी सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को बाकी 80 ट्रेनों को चेन्नई के फैसिलिटी में बनाने का कांट्रैक्ट मिलेगा।


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FY2025 तक 400 वंदे भारत ट्रेनों का है लक्ष्य

सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 तक 400 वंदे भारत ट्रेनों को तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा इन्हें 2026 तक दक्षिण अफ्रीका और कुछ यूरोपीय देशों तो निर्यात करने का भी लक्ष्य रखा है। इसके लिए वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में रेलवे को 2.40 लाख करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 1.40 लाख करोड़ रुपये अलॉट किए गए थे। ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई डायरेक्ट का मानना है कि रेलवे को जो आवंटन बढ़ाया गया है, उससे रेलवे कंपनियों समेत पूरे कैपिटल गुड्स सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि अगर भेल को कांट्रैक्ट मिल जाता है तो इसके रेवेन्यू में शानदार ग्रोथ हो सकती है।

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