मुश्किल वक्त में गुरु की सलाह बहुत काम आती है। यह बात शेयरों के मामले में भी लागू होती है। दिग्गज स्टॉक इनवेस्टर राकेश झुनझुनवाला ने अपना अनुभव कई बार शेयर किया था। उनके पास उन शेयरों को पहचान लेने की गजब की क्षमता थी, जिनमें मल्टीबैगर्स बनने की संभावना होती थी। अपनी इस काबिलियत की बदौलत उन्होंने शेयरो में निवेश से अकूत पैसा कमाया। इसी वजह से उन्हें भारत का वॉरेन बफे कहा जाता है। उनकी ऐसी पांच सलाह हैं, जो आपको शेयर बाजार में बड़ी कमाई करने में मदद कर सकती हैं।
1. निवेश के फैसले भावना से प्रेरित नहीं होने चाहिए
झुनझुनवाला का मानना था कि निवेश का फैसला डर या लालच पर आधारित नहीं होना चाहिए। अक्सर लोग बाजार में बड़ी गिरावट आने पर शेयर बेचना शुरू कर देते हैं। इससे वे कमाई का बड़ा मौका गंवा देते हैं। इसकी वजह यह है कि गिरावट के बीच टिके रहने पर ही बाजार में पैसा बनता है। हर गिरावट के बाद बाजार में बड़ी तेजी आती है। जो निवेशक बाजार में अपना पैसा बनाए रखते हैं, उन्हें इस तेजी का फायदा होता है।
भारत के वॉरेन बफे का मानना था कि शेयरों में निवेश से पहले कंपनी के बारे में रिसर्च जरूरी है। मेहनत की कमाई का पैसा किसी ऐसी कंपनी के शेयर में नहीं लगाया जा सकता, जिसके बारे में आप ठीक तरह से नहीं जानते। जब आपको कंपनी के बिजनेस मॉडल, मैनेजमेंट, कैश फ्लो, कर्ज का बोझ आदि की जानकारी मिल जाए तभी निवेश का फैसला लेना ठीक रहता है।
3. मार्केट लीडरशिप वाली कंपनियों में करें निवेश
किसी कंपनी में निवेश से पहले यह देखना जरूरी है कि बाजार में उसकी पोजीशन क्या है। झुनझुनवाला कहते थे कि मजबूत ब्रांड, अच्छी लीडरशिप और प्रोडक्ट्स की डिमांड के आधार पर लीडर कंपंनियों की पहचान की जा सकती है। ये कंपनियां अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से आगे रहती हैं। हालांकि, इस वजह से ऐसी कंपनियों के शेयर महंगे होते हैं।
4. शेयरों में उधार के पैसे से निवेश नहीं करें
कई लोग फटाफट मुनाफा कमाने की लालच में उधार लेकर बाजार में निवेश कर देते हैं। झुनझुनवाला इसके खिलाफ थे। उनका मानना था कि कभी उधार या कर्ज लेकर आपको शेयरों में निवेश नहीं करना चाहिए। इस गलती से आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं।
5. ट्रेडिंग और इनवेस्टमेंट के बीच के फर्क को समझें
आज कई लोग कभी ट्रेडिंग करते हैं तो कभी निवेश के लिए शेयर खरीदते हैं। दोनों में बड़ा फर्क है। झुनझुनवाला का कहना था कि दोनों को मिक्स नहीं किया जा सकता। दोनों के लिए अलग तरह की नॉलेज जरूरी है। अगर आप ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपका माइंडसेट ट्रेडर का होना चाहिए। अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आपका एप्रोच अलग होना चाहिए। दोनों को मिक्स करने से आपको फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।
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