रेमंड ग्रुप (Raymond Group) ऑटो और एयरोस्पेस सेक्टर की दिग्गज कंपनी मैनी प्रिसिशन प्रोडक्ट्स लिमिटेड (MPPL) की मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीद रही है। कंपनी ने आज जानकारी दी कि यह 682 करोड़ रुपये इसकी 59.25 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। इन पैसों का इंतजाम डेट और इनटर्नल अक्रुअल्स यानी कंपनी के खुद के कारोबार से जुटाए गए पैसों के जरिए होगा। इस खरीदारी के दम पर रेमंड के मौजूदा इंजीनियरिंग कारोबार को और मजबूती मिलेगी। इसकी उभरते सेक्टर्स एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक वेईकल्स (EVs) और डिफेंस में दमदार उपस्थिति सुनिश्चित होगी। नए कारोबारी सेगमेंट में एंट्री के ऐलान पर रेमंड के शेयर बीएसई पर करीब 5 फीसदी उछलकर 1904.75 रुपये (Raymond Share Price) पर पहुंच गए।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक मैनी प्रिसिशन की मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदने का काम इसी वित्त वर्ष में पूरा हो जाएगा। यह खरीदारी इसके जेके फाइल्स एंड इंजीनियरिंग की सब्सिडियरी रिंग प्लस एक्वा लिमिटेड के जरिए होगी। खरीदारी के बाद रेमंड जेके फाइल्स, रिंग प्लस एक्वा और मैनी प्रिसिशन के कारोबार को मिलाकर एक नई सब्सिडियरी बनाएगी। इस नई कंपनी में रेमंड की हिस्सेदारी 66.3 फीसदी होगी और इसका फोकस प्रिसिशन इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स पर होगा।
किसके हाथों में होगी नई कंपनी की कमान?
रेमंड जो नई सब्सिडियरी तैयार करेगी, उनका वित्त वर्ष 2023 में कंसालिडेटेड रेवेन्यू 1600 करोड़ रुपये था और EBITDA भी प्रो-फॉर्मा 220 करोड़ रुपये था। जो नई कंपनी बनेगी, उसके कंसालिडिटेड इंजीनियरिंग बिजनेस की कमान मैनी प्रिसिशन के फाउंडर गौतम मैनी संभालेंगे। इनके कंसालिडेटेड बिजनेस की बात करें तो ये एयरोस्पेस, डिफेंस, ऑटो और इंडस्ट्रियल बिजनेसेज के टॉप वैश्विक OEMs (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैनुफैक्चरर्स) और टियर-1 मैनुफैक्चरर्स को माल सप्लाई करती हैं। मैनी प्रिसिशन का कारोबार काफी डाईवर्सिफाई है और इसके देश भर में 11 प्लांट्स हैं। वित्त वर्ष 2023 में इसे 750 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था जिसमें 70 फीसदी निर्यात की हिस्सेदारी थी। इसका EBITDA मार्जिन 13 फीसदी था।
Raymond कुछ वर्षों से कर रही कारोबारी ढांचे में बदलाव
रेमंड अपने कारोबारी ढांचे में कुछ वर्षों से बदलाव कर रही है। इस साल की शुरुआत में इसने अपने कंज्यूमर केयर बिजनेस को गोदरेज को बेच दिया। इससे पहले इसने अपने लाइफस्टाइल कारोबार को हिस्सों में बांट दिया था। इसने रियल एस्टेट बिजनेस में भी एंट्री मार दी है।