US-China Relations: दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश अमेरिका और चीन के संबंधों में नरमी के संकेत मिले हैं। ताजा कड़ी में चीन के कॉमर्स मिनिस्टर ने माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) के अध्यक्ष से कहा कि चीन अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी के चीनी बाजार में अपनी पैठ मजबूत करने की पहल का स्वागत करेगा। चीन के कॉमर्स मिनिस्टर वांग वेंटाओ ( Wang Wentao) ने ये बातें 1 नवंबर को माइक्रोन टेक्नोलॉजी के प्रेसिडेंट संजय मेहरोत्रा से मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने कहा कि चीन विदेशी निवेश के लिए माहौल बेहतर करेगा और विदेशी कंपनियों को सर्विस गारंटी मुहैया कराएगा। इस मुलाकात से जुड़ी बातें आज चीन के कॉमर्स मिनिस्ट्री की वेबसाइट पर पब्लिश हुई हैं।
कुछ महीने पहले लगी थी Micron से खरीदारी पर रोक
कुछ महीने पहले चीन के साइबरस्पेस रेगुलटेर ने कहा था कि माइक्रोन नेटवर्क सिक्योरिटी रिव्यू में फेल रही। इसके चलते इसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर्स के चाइनीज ऑपरेटर्स को अमेरिका की सबसे बड़ी मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी से खरीदारी करने पर रोक लगा दिया गया था। इसे चीन का अमेरिकी कोशिश के खिलाफ कदम के रूप में देखा गया था जो अपनी अहम तकनीकों तक चीन को पहुंचने से रोकने की कोशिश में है। हालांकि अब चीन के कॉमर्स मिनिस्टर ने चीन के बाजार में स्थानीय नियमों के मुताबिक अपनी पैठ बनाने की पहल का स्वागत किया है।
फिर एकाएक कैसे आया रुख में बदलाव
चीन के रुझान में यह बदलाव G7 अमीर देशों के समूह की इस सहमति के ठीक एक दिन बाद आया जिसमें इन देशों ने चीन से अलग होने की बजाय जोखिम कम करने पर विचार करने की बात कही। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने सहयोगियों पर चीन को चिप से जुड़ी चीजों को निर्यात पर रोक लगाने की मुहिम में साथ आने के लिए दबाव डाला। हालांकि अमेरिका और चीन, दोनों देशों के अधिकारी इस महीने के आखिरी में सैन फ्रांसिस्को में आयोजित होने वाले एशिया-पैसेफिक इकनॉमिक कॉरपोरेशन समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक बैठक आयोजित करने के लिए काम कर रहे हैं।