आरबीआई ने केंद्र सरकार को 2.86 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड डिविडेंड ट्रांसफर कर दिया है। यह डिविडेंड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए है। इस बारे में केंद्रीय बैंक ने एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड ने केंद्र सरकार को 2,86,588.46 करोड़ रुपये के डिविडेंड को एप्रूव कर दिया है।
आरबीआई की ग्रॉस इनकम 26 फीसदी बढ़ी
RBI की ग्रॉस इनकम FY25 के मुकाबले 26.42 फीसदी बढ़ी, जबकि रिस्क प्रोविजन से पहले एक्सपेंडिचर 27.6 फीसदी तक बढ़ा। केंद्रीय बैंक ने कहा है, "31 मार्च, 2026 को आरबीआई की बैलेंसशीट 20.61 फीसदी बढ़कर 91,97,121.08 करोड़ रुपये रही। रिवाइज्ड इकोनॉमिक कैपिटल फ्रेमवर्क (ECF) बैलेंसशीट के साइज के 4.5 से 7.5 फीसदी के बीच कंटिजेंस रिस्क बफर (CRB) मेंटेन करने की इजाजत देता है।"
पिछले साल आरबीआई ने 2.69 लाख करोड़ डिविडेंड दिया था
आरबीआई ने पिछले साल केंद्र सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था। यह डिविडेंड वित्त वर्ष 2024-25 के लिए था। इससे एक साल पहले केंद्र सरकार को केंद्रीय बैंक से 2.11 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड मिला था।
FY26 का आरबीआई का डिविडेंड सरकार की उम्मीद से कम
आरबीआई ने भले ही सरकार को इस बार सबसे ज्यादा डिविडेंड दिया है। लेकिन, यह सरकार की उम्मीद से कम है। सरकार ने इस साल फरवरी में पेश बजट में आरबीआई से 3.16 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड और सरप्लस मिलने का अनुमान लगाया था।
केंद्रीय बैंक के सेंट्रल बोर्ड में हुआ डिविडेंड के प्रस्ताव पर फैसला
केंद्र सरकार को डिविडेंड के प्रस्ताव पर आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड की 623वीं मीटिंग में फैसला हुआ। यह बैठक केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई।
डिविडेंड से सरकार को मिलेगी राहत
रेटिंग एजेंसी इक्रा की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर ने कहा कि आरबीआई का 2.9 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड उसके अनुमान के मुताबिक है। यह पिछले साल के डिविडेंड से करीब 7 फीसदी ज्यादा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आरबीआई के इस डिविडेंड से सरकार को मुश्किल वक्त में राहत मिलेगी। मध्यपूर्व में टेंशन की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इससे सरकार का इंपोर्ट बिल बढ़ा है।