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RBI ने दरों में नहीं किया कोई बदलाव, ये 10 रेट सेंसिटिव स्टॉक्स शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म में दे सकते हैं डबल-डिजिट रिटर्न

एमपीसी की तरफ से ब्याज दर पर लिया गया फैसला उम्मीद के मुताबिक ही रहा है। हालांकि कुछ विशेषज्ञ ये मानकर चल रहे थे कि आरबीआई अब अपने रुख को बदलकर तटस्थता होता दिखेगा। उधर आज आरबीआई गवर्नर ने कहा कि देश में महंगाई दर घट तो रही है लेकिन ये अभी भी लक्ष्य के ऊपर बनी हुई है। अपने इस संबोधन में आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2024 में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रह सकती है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 08, 2023 पर 9:52 PM
RBI ने दरों में नहीं किया कोई बदलाव, ये 10 रेट सेंसिटिव स्टॉक्स शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म में दे सकते हैं डबल-डिजिट रिटर्न
केनरा बैंक में 295 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ, 330-350 रुपए के लक्ष्य के लिए खरीदारी करें। शॉर्ट-टू-मीडियम टर्म में इस स्टॉक में 11 फीसदी रिटर्न मिल सकता है

आरबीआई एमपीसी ने 8 जून को अपनी द्विमासिक समीक्षा बैठक में सर्वसम्मति से रेपो दर को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला लिया है। जबकि महंगाई और ग्रोथ पर कड़ी निगरानी बनाए रखने की बात कही है। एमपीसी की तरफ से ब्याज दर पर लिया गया फैसला उम्मीद के मुताबिक ही रहा है। हालांकि कुछ विशेषज्ञ ये मानकर चल रहे थे कि आरबीआई अब अपने रुख को बदलकर तटस्थता होता दिखेगा। उधर आज आरबीआई गवर्नर ने कहा कि देश में महंगाई दर घट तो रही है लेकिन ये अभी भी लक्ष्य के ऊपर बनी हुई है। अपने इस संबोधन में आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2024 में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रह सकती है जबकि इसी अवधि में महंगाई दर 5.1 प्रतिशत पर रह सकती है।

बार्कलेज के राहुल बाजोरिया का कहना है कि आरबीआई को उम्मीद है कि बाकी बचे वित्तवर्ष में महंगाई निर्धारित सीमा के भीतर ही रहेगी ग्रोथ की रेट भी काफी हद तक ठीक रहेगी। ऐसे में इस बात की उम्मीद बनती है कि आरबीआई वित्त वर्ष 2024 में दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने संबोधन में खुदरा महंगाई को 4 फीसदी के लक्ष्य तक नीचे लाने की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना कि महंगाई के टॉलरेंस लिमिट के भीतर रहना ही पर्याप्त नहीं है। इसके 4 फीसदी तक आना चाहिए।

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लगता है कि बाजार ने पहले ही एमपीसी के कदम अंदाजा लगाकर इस पर अपनी प्रतिक्रिया पहले की दे दी थी। पिछले कारोबारी सत्र में बेंचमार्क इंडेक्स में आई तेजी से ऐसा ही लगता है। पिछले कुछ दिनों की तेजी में बाजार चालू कैलेंडर वर्ष के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। वहीं, आज छोटे दायरे में कारोबार के साथ निफ्टी और सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

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