RIL Q2 Preview : आज आएंगे रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजे, बोनस शेयर की रिकॉर्ड डेट का भी हो सकता है एलान

RIL Q2 Preview : तिमाही आधार पर कंपनी के नतीजों में सुधार संभव है। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में कंपनी की आय 0.8 फीसदी घटकर 2.3 लाख करोड़ रुपए पर रहा सकती है जो कि इसी वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 2.32 लाख करोड़ रुपए पर रही थी। तिमाही आधार पर कंपनी का EBITDA 2 फीसदी बढ़कर 38765 करोड़ रुपए के मुकाबले 39586 करोड़ रुपए रह सकता है

अपडेटेड Oct 14, 2024 पर 8:54 AM
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RIL Q2 : दूसरी तिमाही में रिलायंस-JIO के एबिटडा में तिमाही आधार पर 9 फीसदी और ARPU में 7 फीसदी का उछाल मुमकिन है

RIL Q2 Preview : आज रिलायंस इंडस्ट्रीज के दूसरी तिमाही के नतीजे आएंगे। आज कंपनी बोनस शेयर की रिकॉर्ड डेट का भी एलान कर सकती है। तिमाही आधार पर ओवरऑल प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है। O2C और रिटेल कारोबार में कुछ सुस्ती सभंव, लेकिन जियो को टैरिफ बढ़ने का फायदा मिलने की उम्मीद है। कंपनी को कंसोलीडेटेड सालाना आधार पर आने वाले नतीजों के बात करें तो रेवेन्यू के 8 फीसदी घटकर पिछले साल की दूसरी तिमाही में 2.5 लाख करोड़ रुपए से घट कर 2.3 करोड़ रुपए पर रहने की उम्मीद है।

एबिटडा के सालाना आधार पर 12 फीसदी घटकर 39587 करोड़ रुपए पर रहने की उम्मीद है। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी की एबिटडा 44867 करोड़ रुपए पर रही थी। इसी तरह OPM के 17.5 फीसदी से घटकर 17 फीसदी पर और करबाद मुनाफे के 21 फीसदी घटकर 15738 करोड़ रुपए पर रहने की उम्मीद है। बता दें कि पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का कर बाद कंसोलीडेटेड मुनाफा 19878 करोड़ रुपए पर रहा था।

तिमाही आधार पर कंपनी के नतीजों में सुधार संभव है। तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में कंपनी की आय 0.8 फीसदी घटकर 2.3 लाख करोड़ रुपए पर रहा सकती है जो कि इसी वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 2.32 लाख करोड़ रुपए पर रही थी। तिमाही आधार पर कंपनी का EBITDA 2 फीसदी बढ़कर 38765 करोड़ रुपए के मुकाबले 39586 करोड़ रुपए रह सकता है। वहीं, OPM तिमाही आधार पर 16.7 फीसदी से बढ़कर 17.5 फीसदी पर रहा है। तिमाही दर तीमाही आधार पर दूसरी तिमाही में कंपनी का कर बाद मुनाफा 4 फीसदी बढ़कर 19878 करोड़ रुपए पर रह सकता है जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 15138 करोड़ रुपए पर रहा था।


तिमाही आधार पर रिटेल और O2C कारोबार में कमजोरी मुमकिन है। वहीं, टैरिफ में बढ़ोतरी का फायदा जियो को मिलना संभव है। सिंगापुर GRM कमजोर रह सकते हैं। सिंगापुर GRM 3.6 डॉलर प्रति बैरल संभव है जो पहली तिमाही में 3.5 डॉलर प्रति बैरल था।

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दूसरी तिमाही में रिलायंस-JIO के एबिटडा में तिमाही आधार पर 9 फीसदी और ARPU में 7 फीसदी का उछाल मुमकिन है। वहीं, रिलायंस रिटेल का EBITDA तिमाही दर तिमाही 5 फीसदी बढ़ सकता है। वहीं, इस अवधि में कंपनी के O2C कारोबार का EBITDA तिमाही आधार पर 1 फीसदी घट सकता है। इस सेगमेंट पर कमजोर रिफाइनिंग और पेटकैम मार्जिन का असर संभव है।

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