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RGRL Share Manipulation Case: SEBI ने 18 एंटिटीज पर लगाया ₹2.8 करोड़ का जुर्माना, 5 साल के लिए किया बैन

RGRL Share Manipulation Case: ये एंटिटीज रेट्रो ग्रीन रिवोल्यूशन लिमिटेड के कम ट्रेड होने वाले शेयर के प्राइस को आर्टिफीशियल तरीके से बढ़ाने और निवेशकों को आकर्षित करने की पहले से प्लान की गई साजिश का हिस्सा थीं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 18, 2026 पर 2:36 PM
RGRL Share Manipulation Case: SEBI ने 18 एंटिटीज पर लगाया ₹2.8 करोड़ का जुर्माना, 5 साल के लिए किया बैन
SEBI ने पाया है कि 18 एंटिटीज ने बाजार नियमों का उल्लंघन किया।

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 18 एंटिटीज पर कुल 2.8 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है और उन्हें 5 साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। यह कार्यवाही रेट्रो ग्रीन रिवोल्यूशन लिमिटेड (RGRL) के शेयर प्राइस में हेरफेर के मामले में की गई है। SEBI ने इन 18 एंटिटीज में से 15 को 2.94 करोड़ रुपये के कुल अवैध लाभ को वापस जमा कराने का भी निर्देश दिया है। इस अमाउंट को 31 दिसंबर 2021 से लेकर पेमेंट की तारीख तक 12 प्रतिशत सालाना के ब्याज के साथ लौटाना होगा।

यह पैसा 45 दिन के अंदर SEBI के निवेशक संरक्षण एवं शिक्षा कोष में जमा कराना होगा। SEBI ने आदेश में कहा कि ये एंटिटीज RGRL के कम ट्रेड होने वाले शेयर के प्राइस को आर्टिफीशियल तरीके से बढ़ाने और निवेशकों को आकर्षित करने की पहले से प्लान की गई साजिश का हिस्सा थीं।

क्या थी पूरी प्लानिंग

SEBI ने पाया कि इस साजिश में आपस में जुड़े हुए संगठनों के बीच ट्रेडिंग करना शामिल था। इसका मकसद इस शेयर में आर्टिफीशियल वॉल्यूम जनरेट करके मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के जरिए टिप्स/स्टॉक रेकेमेंडेशंस का प्रसार करना था। आदेश में कहा गया कि संजय अरुणकुमार चोकसी के नेतृत्व वाले चोकसी समूह ने हेराफेरी में अहम भूमिका निभाई। हालांकि चोकसी अब RGRL के प्रमोटर नहीं हैं। फिर भी कंपनी पर उनका ही नियंत्रण बना रहा क्योंकि सभी वैधानिक भुगतान उनके खाते से ही हो रहे थे। कहा जा रहा है कि चोकसी ने व्यक्तिगत फायदे के लिए कंपनी में अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल किया।

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