Reliance Industries (RIL) के शेयरों पर एनालिस्ट्स का नजरिया बुलिश (तेजी का) बना हुआ है। हालांकि, जून तिमाही में आरआईएल की रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ में कमी आई है। इसके बावजूद कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर के टारगेट प्राइस बढ़ाए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की पहली तिमाही में मुकेश अंबानी की इस कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18,258 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 5.9 फीसदी कम है। ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, जिससे कंज्यूमर-फेसिंग बिजनेस में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ का फायदा नहीं मिला। ज्यादा फाइनेंस कॉस्ट और डिप्रीशिएशन का असर भी मुनाफे पर देखने को मिला।
