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RIL के शेयरों में आगे तेजी आएगी या गिरावट? जानिए एनालिस्ट्स के जवाब क्या हैं

जून तिमाही में आरआईएल की रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ में कमी आई है। इसके बावजूद कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर के टारगेट प्राइस बढ़ाए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की पहली तिमाही में मुकेश अंबानी की इस कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18,258 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 5.9 फीसदी कम है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 24, 2023 पर 11:12 AM
RIL के शेयरों में आगे तेजी आएगी या गिरावट? जानिए एनालिस्ट्स के जवाब क्या हैं
जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रॉफिट जून तिमाही में 5,098 करोड़ रुपये रहा। यह साल दर साल आधार पर 12.5 फीसदी ज्यादा है। एवरेज रेवेन्यू पर यूजर साल दर साल आधार पर पर 2.8 फीसदी बढ़कर 180.5 रुपये प्रति माह पहुंच गया है।

Reliance Industries (RIL) के शेयरों पर एनालिस्ट्स का नजरिया बुलिश (तेजी का) बना हुआ है। हालांकि, जून तिमाही में आरआईएल की रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ में कमी आई है। इसके बावजूद कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर के टारगेट प्राइस बढ़ाए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की पहली तिमाही में मुकेश अंबानी की इस कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18,258 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 5.9 फीसदी कम है। ऑयल-टू-केमिकल बिजनेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा, जिससे कंज्यूमर-फेसिंग बिजनेस में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ का फायदा नहीं मिला। ज्यादा फाइनेंस कॉस्ट और डिप्रीशिएशन का असर भी मुनाफे पर देखने को मिला।

जून तिमाही में रेवेन्यू में गिरावट

RIL का रेवेन्यू जून तिमाही में घटकर 2.31 लाख करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2.42 लाख करोड़ रुपये था। इसकी वजह कंपनी की ऑयल-टू-केमिकल्स सेगमेंट की सेल्स में गिरावट है। एनालिस्ट्स ने कहा है कि कंपनी के नतीजे अनुमान के मुताबिक है। ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने कहा है कि टैक्स से पहले कमाई, टैक्स, डिप्रीशिएशन और एमॉर्टाइजेशन (EBITDA) अनुमान के मुताबिक हैं। उसने कहा है कि रिटेल बिजनेस की ग्रोथ ने निराश किया है, लेकिन मार्जिन में इम्प्रूवमेंट है।

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