रुपये ने तोड़ा प्रति डॉलर 77 का लेवल, रिकॉर्ड लो पर पहुंचा, यूएस फेड के ब्याज दरों में बढ़ोतरी सहित इन फैक्टर्स का दिखा असर

कारोबार के दौरान रुपया प्रति डॉलर 77.58 के साथ अपने नए ऑल टाइम लो पर पहुंच गया। इससे पहले रुपया का निचला स्तर 7 मार्च को रहा था, जब भारतीय करेंसी प्रति डॉलर 76.98 के स्तर पर पहुंच गई थी

अपडेटेड May 09, 2022 पर 4:39 PM
रुपये में कमजोरी की मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर डॉलर में मजबूती रही है, जिसमें पिछले हफ्ते यूएस फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के ब्याज दर में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद मजबूती दिख रही है

Rupee hits record low : सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान रुपये ने डॉलर की तुलना में 77 का स्तर तोड़ दिया। इसके साथ ही रुपया प्रति डॉलर 77.58 के साथ अपने नए ऑल टाइम लो पर पहुंच गया।

इससे पहले रुपया का निचला स्तर 7 मार्च को रहा था, जब भारतीय करेंसी प्रति डॉलर 76.98 के स्तर पर पहुंच गई थी। अभी तक दिन में रुपया प्रति डॉलर 76.958-77.58 की रेंज में रहा है।

डॉलर में मजबूती का दिख रहा असर


रुपये में कमजोरी की मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर डॉलर में मजबूती रही है, जिसमें पिछले हफ्ते यूएस फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के ब्याज दर में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद मजबूती दिख रही है। यूएस फेड ने आने वाले महीनों में ब्याज दर में ज्यादा बढ़ोतरी का गाइडैंस भी जारी किया है।

यूएस ट्रेजरी यील्ड्स में लगातार बढ़ोतरी से डॉलर को मजबूती मिल रही है। पिछले दो दिन के दौरान 10 साल की यूएस ट्रेजरी में लगभग 14 बेसिस प्वाइंट्स की मजबूती दर्ज की गई है। डीलर्स ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी से भी रुपये पर दबाव बढ़ा है।

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डॉलर इंडेक्स 2022 में 8 फीसदी मजबूत

यूएस डॉलर इंडेक्स (US dollar index) 104 का लेवल तोड़ दिया और 104.7 पर पहुंच गया जो लगभग 20 साल का उच्चतम स्तर है। 2022 में अभी तक इंडेक्स 8 फीसदी तक मजबूत हो चुका है, जो पिछले सेशन में 103.79 पर बंद हुआ था।

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने से भारत जैसे जोखिम भरे इमर्जिंग मार्केट्स में एसेट्स का आकर्षण कम हो गया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले कुछ महीनों के दौरान घरेलू इक्विटी मार्केट में तेजी से बिकवाली की है। 2022 में अभी तक उन्होंने 1.3 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। रुपये में कमजोरी से भारतीय एसेट्स से एफआईआई को मिलने वाले रिटर्न में कमी आती है।

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जारी है एफआईआई की बिकवाली

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के रिसर्च एनालिस्ट (करेंसी एंड एनर्जी) रॉयस वर्घीज जोसफ ने कहा, “डॉलर इंडेक्स में मजबूती के बीच एशियाई बाजारों में कमजोरी के चलते रुपये में गिरावट है। कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती और महंगाई में बढ़ोतरी आरबीआई के अपर बैंड से ज्यादा है। इससे घरेलू सिक्योरिटीज में एफआईआई की बिकवाली जारी है।”

 

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