Rupee Vs Doller: डॉलर के मुकाबले रुपये में गहराई कमजोरी, 55 पैसे टूटकर 81.89 के स्तर पर हुआ बंद

पिछले ढाई हफ्ते में रुपया 221 पैसे कमजोर हो चुका है। जानकारों का मानना है कि आगे रुपया 80-82 की रेंज में घूमता नजर आ सकता है

अपडेटेड Oct 03, 2022 पर 6:15 PM
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डॉलर के मुकाबले रुपया सुबह की शुरुआती कारोबार में कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 28 पैसे कमजोर होकर 81.62 के स्तर पर खुला था।

Rupee Close- डॉलर के मुकाबले रुपया 55 पैसे कमजोर होकर 81.89 के स्तर पर बंद हुआ है।  डॉलर के मुकाबले रुपया आज 28 पैसे कमजोर होकर 81.62 के स्तर पर खुला था। वहीं शुक्रवार (30 सितंबर) को डॉलर के मुकाबले रुपया 81.34 के स्तर पर बंद हुआ था।

 

Rupee Open -  डॉलर के मुकाबले रुपया सुबह की शुरुआती कारोबार में कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। डॉलर के मुकाबले रुपया आज 28 पैसे कमजोर होकर 81.62 के स्तर पर खुला था। वहीं शुक्रवार (30 सितंबर) को डॉलर के मुकाबले रुपया 81.34 के स्तर पर बंद हुआ था। फिलहाल 10.56 बजे के आसपास डॉलर के मुकाबले रुपया 81.74 के स्तर पर नजर आ रहा है।


बीते हफ्ते डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर नजर डालें तो इस हफ्ते भी भारतीय रुपये में गिरावट जारी रही क्योंकि यह 81.95 प्रति डॉलर के नए रिकॉर्ड निचले स्तर को छू गया था। रुपया 30 सितंबर को 35 पैसे की गिरावट के साथ 81.34 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया 23 सितंबर को 80.99 पर बंद हुआ था। पिछले ढाई हफ्ते में रुपया 221 पैसे कमजोर हो चुका है। आगे इसके 80-82 की रेंज में रहने का अनुमान है।

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एफआईआई का रुख-बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी और नीतिगत सख्ती के साथ फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FIIs) ने एक बार फिर से भारत से पैसा निकालना शुरू कर दिया है। पिछले कारोबारी हफ्ते में विदेशी संस्थागत निवेशकों (Foreign institutional investors (FIIs) ने 15,862.48 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (domestic institutional investors (DIIs) ने 15,988.29 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। हालांकि सितंबर के महीने में FIIs ने 18,308.30 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। जबकि DIIs ने 14,119.75 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची।

मंदी की आशंकाओं के चलते क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना हुआ है। रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ओपेक प्लस देश 5 अक्टूबर की मीटिंग में क्रूड प्रोडक्शन घटा सकते हैं।इंटरनेशनल बेंचमार्क क्रूड फ्यूचर्स सप्ताह के दौरान 1 डॉलर गिरकर 85.14 डॉलर प्रति बैरल रह गया। सितंबर तिमाही में कीमतें 26 फीसदी टूट चुकी हैं।

इस बीच इक्विटी बाजार की चाल पर नजर डालें तो खराब ग्लोबल संकेतों से बाजार का मूड बिगड़ा है। निफ्टी करीब आधा परसेंट टूटकर 17 हजार के नीचे आया है जबकि बैंक निफ्टी में 1 फीसदी की कमजोरी आई है लेकिन शुरुआत गिरावट से मिडकैप इंडेक्स थोड़ा सुधरा है।

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