आज 13 जनवरी को भी रुपये में गिरावट जारी है और यह 27 पैसे गिरकर 86.31 डॉलर के नए ऑलटाइम लो पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रूपए में लगातार दूसरे दिन गिरावट दिख रही है। यह गिरावट मुख्य रूप से मजबूत अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल मार्केट में जारी वोलैटिलिटी के कारण आई है। विदेशी मुद्रा के कारोबारियों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, लगातार विदेशी पूंजी का बाहर जाना और घरेलू इक्विटी बाजारों में निगेटिव रुझान ने भी रुपये पर दबाव डाला है। अमेरिका में उम्मीद से बेहतर रोजगार बढ़त से डॉलर की मजबूती को और बल मिला है। इससे बेंचमार्क अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई है। इससे इस बात की आशंका है कि फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों में कटौती की गति को धीमा कर सकता है।
इंटर बैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया आज 86.12 पर खुला, लेकिन शुरुआती कारोबार में ही 86.31 के ऐतिहासिक निम्नतम स्तरों पर पहुंच गया,जो शुक्रवार के 86.04 के पिछले बंद स्तर से 27 पैसे कम है। इस बीच,ग्लोबल ऑयल बेंटमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.44 फीसदी बढ़कर 80.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे रुपये पर महंगाई का दबाव बढ़ गया।
उधर घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स कल 0.71 फीसदी लुढ़ककर 550.49 अंक टूटकर 76,828.42 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.78 फीसदी लुढ़ककर 182.45 अंक टूटकर 23,249.05 अंक पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में 2,254.68 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की सूचना दी है। 3 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.693 अरब अमेरिकी डॉलर घटकर 634.585 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। इन चुनौतियों के बावजूद, ताजे सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि नवंबर 2024 में औद्योगिक उत्पादन (IIP) की ग्रोथ रेट सालाना आधार पर 5.2 फीसदी हो गई हो। त्योहारी मांग में बढ़त और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार से IIP में सुधार आया है।
उधर छह बड़ी मुद्राओं के बास्केट के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.22 फीसदी बढ़कर 109.72 के दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़ कर 4.76 फीसदी पर पहुंच गई है। ये अक्टूबर 2023 के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स बढ़कर लगभग 110 पर पहुंच गया, जबकि 10 साल का अमेरिकी यील्ड 14 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।