Get App

रुपये पर पहले भी दो बार आया था भारी दबाव, जानिए RBI ने तब कैसे संभाले थे हालात

रुपये पर बढ़ते दबाव के बीच RBI पुराने संकटों जैसी रणनीति अपना रहा है। 2013 और 1997 में भी ऐसे हालात बने थे, जिन्हें सख्त कदमों से संभाला गया था। जानिए इस बार क्या संकेत मिल रहे हैं।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Apr 02, 2026 पर 5:54 PM
रुपये पर पहले भी दो बार आया था भारी दबाव, जानिए RBI ने तब कैसे संभाले थे हालात
रुपया एशिया की सबसे कमजोर करेंसी में शामिल हो गया है।

ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल इकोनॉमी पर असर साफ दिखने लगा है। महंगाई बढ़ रही है, करेंसी कमजोर हो रही है और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। ऐसे हालात में कई देश अपने पुराने संकट वाले उपाय फिर से लागू कर रहे हैं, ताकि नुकसान को संभाला जा सके।

भारत में भी स्थिति दबाव में है। रुपया एशिया की सबसे कमजोर करेंसी में शामिल हो गया है। ऐसे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रुपये को स्थिर रखने के लिए नए कदम उठाए हैं।

रुपये को कैसे सहारा दे रहा RBI

RBI ने बुधवार देर रात रुपये को संभालने के लिए कई फैसले लिए। पिछले शुक्रवार को बैंकों के नेट ओपन रुपये पोजिशन को $100 मिलियन तक सीमित कर दिया गया। पहले यह सीमा बैंक की कुल पूंजी के 25% तक थी। इसका मतलब कि अब बैंक बड़ा दांव नहीं लगा सकते, क्योंकि सरकार ने उनकी ट्रेडिंग की लिमिट घटाकर कंट्रोल में कर दी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें