Sagility के शेयर की उड़ान कब तक! AI की सीढ़ी से 58% ऊपर चढ़ने का दम, ब्रोकरेजेज को इस कारण है पसंद

Sagility Shares: करीब 17 महीने पहले लिस्ट हुई सैजिलिटी के शेयरों में अभी निवेश कर ताबड़तोड़ 58% का रिटर्न हासिल किया जा सकता है। महज 11 महीने में निवेशकों का पैसा डबल से अधिक करने वाले इस शेयर को लेकर ब्रोकरेजेज काफी बुलिश हैं। जानिए बुलिश रुझान की वजह और इसके शेयरों का टारगेट प्राइस क्या है

अपडेटेड Mar 29, 2026 पर 12:04 PM
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Sagility का मानना है कि उसके कारोबार को एआई से सपोर्ट मिल रहा है जोकि इसके अधिकतर सॉल्यूशंस और प्लेटफॉर्म का अहम हिस्सा बन चुका है।

Sagility Shares: अमेरिकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को सर्विसेज मुहैया कराने वाली सैजिलिटी इंडिया के शेयर रिकॉर्ड हाई से करीब 28% नीचे आ चुके हैं। ब्रोकरेजेज का मानना है कि इस गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखना चाहिए। मौजूदा लेवल से यह 58% तक ऊपर चढ़ सकता है। फिलहाल बीएसई पर यह ₹41.72 के भाव पर है जोकि शुक्रवार 27 मार्च को 4.61% की बढ़त के साथ क्लोजिंग प्राइस है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने खरीदारी की रेटिंग के साथ इसका टारगेट प्राइस ₹60 फिक्स किया है तो नोमुरा ने ₹55।

Sagility पर क्यों है ब्रोकरेजेज बुलिश?

सैजिलिटी का मानना है कि उसके कारोबार को एआई से सपोर्ट मिल रहा है जोकि इसके अधिकतर सॉल्यूशंस और प्लेटफॉर्म का अहम हिस्सा बन चुका है। कंपनी का कहना है कि एआई सिर्फ लागत ही नहीं घटा रही बल्कि यह काम के दायरे को भी बढ़ा रहा है, जिससे नए मौके तैयार हो रहे हैं। इसकी करीब 90% कमाई अमेरिकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों से आती है, तो बाकी 10% हॉस्पिटल और डायग्नोस्टिक कंपनियों जैसे हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स से आती है।


ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के मुताबिक इसका बिजनेस मॉडल पूरी तरह हेल्थकेयर सेक्टर पर आधारित है और डिस्ट्रीब्यूटेड वर्कफोर्स मॉडल के जरिए इसमें ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी भी है। अमेरिकी हेल्थकेयर सेक्टर में मार्जिन प्रेशर बढ़ने के चलते कंपनियां आउटसोर्सिंग की तरफ बढ़ रही हैं, जो सैजिलिटी के लिए बड़ा मौका है। साथ ही ये कंपनियां लागत घटाने के लिए एआई मॉडल अपना रही हैं जो सैजिलिटी जैसी कंपनियों के लिए मौका है। ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक 97% क्लाइंट रिटेंशन और औसतन 18 साल के क्लाइंट टेन्योर के साथ सैजिलिटी काफी मजबूत है।

अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?

सैजिलिटी के शेयरों की घरेलू स्टॉक मार्केट में 12 नवंबर 2024 को 3% से अधिक प्रीमियम पर हुई थी लेकिन अगले ही दिन यह टूटकर आईपीओ प्राइस से नीचे आ गया। इसके ₹2,106 करोड़ के आईपीो के तहत निवेशकों को ₹30 के भाव पर शेयर जारी हुए थे। लिस्टिंग के अगले दिन टूटकर यह बीएसई पर रिकॉर्ड निचले स्तर ₹27.02 पर आ गया था इस निचले स्तर से यह रॉकेट की स्पीड से 11 ही महीने में 114.29% चढ़कर पिछले साल 30 अक्टूबर 2025 को ₹57.90 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि शेयरों की तेजी यहीं थम गई और इस रिकॉर्ड हाई से यह पांच ही महीने में 38.13% टूटकर 23 मार्च 2025 को एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹35.82 पर आ गया। निचले स्तर से इसने रिकवरी की कोशिश की और 16.47% रिकवर हुआ लेकिन अब भी रिकॉर्ड हाई से यह 27.94% डाउनसाइड है।

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