Sasken Technologies Share Price: सास्केन टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 12 मई को जबर्दस्त तेजी दिखी। सुबह में शेयर मजबूत खुला। उसके बाद पूरे दिन शेयरों में तेजी रही। एक समय शेयर करीब 20 फीसदी चढ़कर 1955 रुपये तक पहुंच गया। कारोबार के अंत में यह 10.42 फीसदी की गिरावट के साथ 1,804 रुपये पर बंद हुआ। खास बात यह है कि कंपनी के शेयर में तब तेजी आई, जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दिखी।
दो सत्रों में 30 फीसदी चढ़ा शेयर
Sasken Technologies का शेयर बीते दो सत्रों में करीब 30 फीसदी चढ़ा है। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 50 फीसदी चढ़ा है। हालांकि, अभी यह अपने ऑल-टाइम हाई से नीचे है। इसने 10 दिसंबर, 2024 को तब ऑल-टाइम हाई बनाया था, जब यह 2,365 रुपये पर पहुंच गया था। यह कंपनी प्रोडक्ट इंजीनियरिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफर करती है।
चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन
चौथी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा। इसका रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 125 फीसदी बढ़कर 334 करोड़ रुपये रहा। नेट प्रॉफिट भी इस दौरान 125 फीसदी बढ़कर 26.98 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 11.02 करोड़ रुपये था। कंपनी की EBIT 48.9 फीसदी बढ़ी।
प्रति शेयर 13 रुपये डिविडेंड का ऐलान
मार्च 2026 के अंत में कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 3.54 करोड़ डॉलर रही। इसमें नए बिजनेस की हिस्सेदारी 2.16 करोड़ डॉलर रही। कंपनी का फोकस इनोवेटिव टेक्नोलॉजी पर है। मेनेजमेंट ने कहा है कि कंपनी नई टेक्नोलॉजी में निवेश जारी रखेगी। कंपनी ने प्रति शेयर 13 रुपये डिविडेंड का एलान किया है। यह फाइनेंशियल ईयर 2026 का फाइनल डिविडेंड होगा।
12 मई को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट
सास्केन टेक्नोलॉजीज के शेयरों में यह तेजी तब आई है, जब सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव दिखा। 12 मई को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1.92 फीसदी यानी 1456 अंक गिरकर 74,559 पर आ गया। निफ्टी 1.83 फीसदी यानी 436 अंक लुढ़ककर 23,379 पर आ गया। शेयर बाजारों में इस हफ्ते लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट आई।
अमेरिका-ईरान में डील में देरी से बढ़ी चिंता
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान में बातचीत शुरू नहीं होने से बाजार में चिंता है। ऐसा लगता है कि दोनों के बीच टेंशन लंबे समय तक जारी रह सकता है। इस वजह से क्रूड ऑयल की कीमतें घटने का नाम नहीं ले रही है। 12 अप्रैल को ब्रेंट क्रूड का भाव 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।