SBI Card share: एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड के शेयरधारकों के लिए साल 2024 मुश्किल रहा है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, पिछले 5 सालों में यह 32 फीसदी टूट चुका है। यह शेयर मार्च 2020 में ₹1029.50 के अपने हाई से गिरकर 24 दिसंबर 2024 को 695.45 रुपये पर आ गया। कंपनी के शेयरों में आज 0.59 फीसदी की गिरावट आई और यह स्टॉक BSE पर 695.45 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 66161.35 करोड़ रुपये है। अब सवाल यह है कि क्या कंपनी के शेयरों में नए साल 2025 में रिकवरी होगी?
का बढ़ते इंडस्ट्री में भी खराब प्रदर्शन
2024 में SBI कार्ड के शेयर में 10% की गिरावट आई, जो कि निफ्टी 50 इंडेक्स से कम है, जो इसी अवधि के दौरान 13 फीसदी बढ़ा। नवंबर 2024 में इसका स्पेंडिंग मार्केट शेयर सालाना (YoY) 20 फीसदी गिरा, जबकि ब्रॉडर इंडस्ट्री में 5% की वृद्धि हुई। मॉर्गन स्टेनली ने बताया कि कंपनी का क्रेडिट कार्ड मार्केट शेयर पिछले महीनों की तुलना में 18.7% कम है। एनालिस्ट्स ने इस गिरावट को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियमों से जोड़ा है, जो कॉर्पोरेट कार्ड स्पेंडिंग को प्रभावित करते हैं।
मार्च 2024 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यह निर्देश दिया कि कंपनियों को कॉर्पोरेट क्रेडिट और डेबिट कार्ड्स के उपयोग पर निगरानी रखनी होगी। इस नियम का प्रभाव एसबीआई कार्ड पर पड़ा है, क्योंकि कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से कॉर्पोरेट लेन-देन (कॉर्पोरेट ट्रांजेक्शंस) पर निर्भर करता है। मॉर्गन स्टेनली ने ₹650 के टारगेट प्राइस के साथ इक्वल-वेट रेटिंग बनाए रखी। इसका मतलब है कि इसमें लगभग 6% की संभावित गिरावट आ सकती है।
SBI Card की प्रॉफिट से जुड़ी चिंताएं
कंपनी के सितंबर 2024 तिमाही में प्रॉफिट में गिरावट देखी गई। इसका PAT 32.9 फीसदी घटकर ₹404.42 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह ₹602.98 करोड़ था। अधिक उधारी के कारण वित्तीय लागत 30% बढ़कर ₹788 करोड़ हो गई। ऋण हानि 63% बढ़कर ₹1,212 करोड़ हो गई, जिससे मार्जिन प्रभावित हुआ। हालांकि ऑपरेटिंग खर्च में 3% की कटौती की गई, लेकिन बढ़ती ऋण लागत ने इन सेविंग्स को पीछे छोड़ दिया।
SBI Card: एनालिस्ट्स की राय और टारगेट प्राइस
एसबीआई कार्ड्स के शेयरों को लेकर ब्रोकरेज में मतभेद बना हुआ है और कई लोग सतर्क रुख अपना रहे हैं।
एसबीआई कार्ड के नए कार्ड जारी करने की संख्या में कमी आने की उम्मीद है, और हाई मार्जिन वाली अर्निंग एसेट्स की हिस्सेदारी कम बनी हुई है। एसेट क्वालिटी की चिंता चुनौतियों को और बढ़ाती है। नोमुरा ने धीमी गति से कार्ड जोड़ने और हाई मार्जिन वाली संपत्तियों में सीमित ग्रोथ का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 25 को संभावित "वॉशआउट ईयर" बताया है।
हालांकि, कुछ सकारात्मक संकेत भी हैं। नवंबर 2024 में ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में 30 फीसदी की वृद्धि हुई, हालांकि यह इंडस्ट्री की 32% ग्रोथ से थोड़ा कम था। दिसंबर में डेली खर्च में 8% की वृद्धि हुई, लेकिन रिकवरी की गति धीमी होती दिख रही है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।